द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट दुमका व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. सजा पानेवालों में उगन मांझी, दिनेश मांझी, पंचू मांझी, सीता देवी व लाखी मांझी शामिल हैं. अदालत ने सभी दोषियों को धारा 148 के तहत तीन वर्ष, धारा 323 के तहत एक वर्ष तथा धारा 307 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2020 में जरमुंडी थाना क्षेत्र के अंबा गांव में जिवलाल महतो पर आरोपियों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी सकुन देवी और प्रकाश मांझी भी घायल हो गये थे. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह प्रस्तुत किए. गवाहों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य एवं अन्य प्रमाणों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी.
हत्या के प्रयास में पांच दोषियों को दस-दस वर्ष की सजा
प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
