ट्राइबल बच्चों को आइडियल एजुकेशन देने के लिए बन चुके तीन और प्रखंडों में एकलव्य आवासीय विद्यालय

12 करोड़ रुपये की लागत से एकलव्य आवासीय मॉडल विद्यालय फिटकोरिया में मई माह से प्रारंभ हो सकती है शैक्षणिक गतिविधियां.

काठीकुंड. लंबे समय से एकलव्य विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के प्रारंभ होने का इंतजार मई माह में खत्म हो सकता है. काठीकुंड के फिटकोरिया स्थित एकलव्य आवासीय मॉडल विद्यालय में पढ़ाई शुरू करने को लेकर प्रक्रियाओं का दौर जारी है. बीते दिनों छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा में नामांकन को लेकर प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की गयी थी. फिटकोरिया सहित अन्य एकलव्य विद्यालयों में नामांकन को लेकर 1400 बच्चों ने प्रवेश परीक्षा में भाग लिया था. इस शैक्षणिक सत्र में छठी में 60, सातवीं कक्षा में 60 व आठवीं कक्षा में 60 छात्र-छात्राओं का नामांकन होना है. प्रवेश परीक्षा के बाद परिणाम घोषित होते ही आवासीय विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जायेंगे. वर्तमान में इस विद्यालय में कुल 8 टीचिंग व एक नॉन टीचिंग स्टाफ नियुक्त हैं. हालांकि, शिक्षण कार्यों को प्रारंभ करने के लिए अभी विद्यालय में संसाधनों की कमी है. विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोरंजन कैबर्त ने बताया कि विद्यालय में गतिविधियों को शुरू करने की प्रक्रिया में विभाग लगी हुई है. फिलहाल विद्यालय में ब्लैक बोर्ड का अभाव है. बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए ट्रांसफार्मर विद्यालय में पहुंचाया जा चुका है. प्रखंड मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर अवस्थित इस विद्यालय का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में प्रारंभ हुआ था, जिसमें 12 करोड़ रुपये की लागत से विद्यालय भवन, आधुनिक क्लासरूम, शिक्षक व कर्मी आवास, प्रिंसिपल क्वार्टर के साथ ही 120 बेड वाला एक हॉस्टल शामिल था. बाद में 120 बेड के एक और हॉस्टल का भी निर्माण किया गया. विद्यालय में डिजिटल क्लासेज के लिए विद्यालय परिसर में मिनी टॉवर लगाने को लेकर विभाग को पत्राचार किया गया है. विद्यालय में फिलहाल बेड, स्कूल बेंच सहित अन्य कई मूलभूत संसाधनों की कमी है, जिसे बहाल करने को लेकर प्रक्रिया जारी है. विद्यालय व छात्रावास के लिए नॉन टीचिंग कर्मियों की बहाली नहीं की गयी है. विद्यालय व छात्रावास की देखरेख, मेस संचालन को लेकर कर्मियों की नियुक्ति, सफाईकर्मी की नियुक्ति की जानी बाकी है. आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य सुविधा के लिए मेडिकल स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं की गयी है. ऐसे में विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को प्रारंभ करने से पूर्व सभी मूलभूत सुविधाओं को बहाल कर लेना विभाग व विद्यालय प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं.

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Author: RAKESH KUMAR

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