महिला ने अपने पति की मौत को हत्या बताकर जांच की उठायी थी मांग

जामा में 19 दिन पूर्व दफनाये गये शव को निकलवाया गया

जामा. थाना पुलिस ने बुधवार को लगला पंचायत के बैसा जोरिया के पास से मजिस्ट्रेट सह सीओ अशोक बड़ाईक की उपस्थिति में शव को जेसीबी से खोदकर निकलवा. मिली जानकारी के अनुसार मृतक रघु किस्कू उम्र 35 वर्ष की पत्नी लुखी हेम्ब्रम ने मंगलवार को थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर बताया कि 27 सितंबर की शाम को गांव के ही रवीन्द्र हेंब्रम उसके पति को मछली पकड़ने के लिए ले गया था. थोड़ी देर के बाद गांव के ही तापस बास्की के द्वारा सूचना मिली कि उसका पति जोरिया के किनारे बेहोश पड़ा हुआ है. जाकर देखा तो पाया कि मछली के जाल में लपेटा हुआ घायल अवस्था में उसका पति पड़ा हुआ है. तुरंत 108 एम्बुलेंस बुलाया गया, लेकिन एम्बुलेंस के स्टाफ द्वारा बताया गया कि उसका पति मर चुका है. 28 सितंबर को उसको परिजनों द्वारा बैसा जोरिया के पास दफना दिया गया. इससे पूर्व परिजनों ने देखा था कि मृतक के शरीर पर काफी जख्म के निशान हैं और पेट भी फुला हुआ पाया. गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पायी गयी. शव को दफनाने के उपरांत दो अक्तूबर को गांव में पंचायती बुलायी गयी, जिसमें पंचों द्वारा बार-बार पूछने पर भी आरोपी रवीन्द्र बास्की द्वारा साफ साफ कुछ नहीं बताया गया. इसके उपरांत मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस को सारी बातों से अवगत कराया गया, जिसपर कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी अजीत कुमार ने एसडीओ को वस्तुस्थिति की जानकारी दी. एसडीओ ने सीओ जामा अशोक बड़ाईक की दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति की, जिनकी उपस्थिति में जेसीबी की मदद से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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