दुमका में मखाना की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को अंतरराज्यीय प्रशिक्षण की तैयारी

दुमका में मखाना की खेती को बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण की तैयारी. जानें कैसे मिलेगा लाभ.

दुमका : किसानों की आय बढ़ाने और खेती को नये विकल्पों से जोड़ने की दिशा में मखाना की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गयी है. शुक्रवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में हुई आत्मा (एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) गवर्निंग बोर्ड की बैठक में मखाना की खेती को जिले में प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने किसानों को मखाना उत्पादन की तकनीक से अवगत कराने के लिए संबंधित संस्थानों में अंतरराज्यीय प्रशिक्षण के लिए भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. मखाना की खेती को लेकर प्रशासन का फोकस किसानों को नयी फसल से जोड़ने के साथ उत्पादन की आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और बाजार की संभावनाओं से परिचित कराने पर भी है.

नयी फसल से आय बढ़ाने का प्रयास

कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसी उद्देश्य से दुमका में मखाना को भी खेती के नये विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की पहल की गयी है. प्रशासन का प्रयास है कि स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मखाना उत्पादन की संभावनाओं का आकलन किया जाये तथा किसानों को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाये. मखाना की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ एक अतिरिक्त आय का विकल्प मिल सकता है.

अंतरवर्ती फसल पर भी जोर

आत्मा की बैठक में किसानों के बीच अंतरवर्ती फसल यानी इंटरक्रॉपिंग को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने का निर्देश भी दिया गया. इसका उद्देश्य उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए किसानों को एक से अधिक फसलों से आय का अवसर उपलब्ध कराना है. इससे किसानों को एक ही फसल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

प्रशिक्षण के बाद जिले में बनेगी कार्ययोजना

मखाना की खेती को लेकर अंतरराज्यीय प्रशिक्षण को इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. दूसरे राज्यों में मखाना उत्पादन से जुड़ी तकनीक और व्यवहारिक अनुभव हासिल करने के बाद किसान एवं संबंधित विभाग के अधिकारी दुमका की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप इसकी संभावनाओं को समझ सकेंगे. प्रशिक्षण के बाद जिले में मखाना की खेती के लिए उपयुक्त क्षेत्रों, किसानों की रुचि, तकनीकी जरूरत और बाजार की संभावनाओं के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सकती है.

कृषि में नयी तकनीक को प्राथमिकता

उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बैठक में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन को केवल निर्धारित लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया. उन्होंने नयी तकनीकों, नवाचार और किसान-केंद्रित गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके. उन्होंने इनोवेटिव और प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कृत करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा.

मखाना के साथ बढ़ेगा कृषि विविधीकरण का दायरा

दुमका में मखाना की खेती को बढ़ावा देने की पहल कृषि विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है. आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में मखाना के अलावा एसआरआई तकनीक के प्रचार-प्रसार, नारियल की खेती की संभावनाओं का आकलन, ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण तथा ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती को टपक सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक के साथ बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई. हालांकि बैठक में मखाना की खेती को लेकर किसानों को अंतरराज्यीय प्रशिक्षण दिलाने को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गयी.


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By Anand Jayswal

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