धान की फसल में लग रहे रोग, थमा ग्रोथ

रानीश्वर प्रखंड के कई खेतों में धान की फसल में पत्तों का रंग सफेद होकर ग्रोथ रुक गई है, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। महेषबथान के किसान बच्चु मंडल के अनुसार यह फंगस की बीमारी है, जिसे स्थानीय भाषा में 'भेंपु' कहा जाता है। बीमारी से बचने के लिए खेतों का पानी बंद कर सूखा रखना और फेंगेंसाइट कीटनाशक दवा का छिड़काव करना जरूरी है। तेज धूप भी राहत पहुंचा सकती है। आत्मा के बीटीएम योगेश सिंह ने बताया कि कीटनाशक दवा आत्मा कार्यालय में उपलब्ध है, किसान अपना आधार कार्ड लेकर दवा ले सकते हैं। कीटों के कारण फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों की मेहनत और खर्च दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

प्रतिनिधि, रानीश्वर. इन दिनों रानीश्वर प्रखंड के कई खेतों में धान की फसल के पत्तों का रंग सफेद हो जाने तथा पौधों की वृद्धि रुक जाने की समस्या ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. महेषबथान गांव के किसान बच्चू मंडल ने बताया कि यह एक प्रकार की फंगस बीमारी है. बिल्व से रोपी गयी धान की फसल में यह बीमारी देखी जा रही है. समय पर इसकी रोकथाम न करने पर पूरा खेत की धान फसल नष्ट हो सकती है. इसके उपचार के लिए खेतों में पानी रोक देना होगा ताकि पूरी तरह सूखा जा सके, और कीटनाशक दवा का छिड़काव करना आवश्यक है. केवल इसी प्रकार से बीमारी से बचाव संभव है. उन्होंने यह भी बताया कि तेज धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है. स्थानीय भाषा में इस बीमारी को “भेंपु ” कहा जाता है. कीड़ा पूरे खेत में धान के पत्तों को काटकर नष्ट कर देता है, जिससे किसानों की मेहनत और खर्च दोनों व्यर्थ हो जाते हैं. आत्मा के बीटीएम योगेश सिंह ने बताया कि इस बीमारी के उपचार के लिए फेंगेंसाइट कीटनाशक दवा का छिड़काव करने से बीमारी ठीक हो जाएगी. श्री सिंह ने बताया कि यह दवा प्रखंड स्थित आत्मा कार्यालय में उपलब्ध है. किसानों को अपना आधार कार्ड लेकर कार्यालय आना होगा, तब उन्हें दवा उपलब्ध करायी जाएगी.

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By ANAND JASWAL

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