अनपढ़ व दिव्यांगजन भी कर सकते हैं राजयोग: जयमाला

श्री अमड़ा स्थित नेत्रहीन विद्यालय में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम किया गया. इसमें 25 नेत्रबाधित बच्चों को 3 डी मॉडल, स्माइल बॉल गेम, स्नेक लैडर गेम और म्यूजिक डांस और मोटिवेशन स्पीच के माध्यम से बच्चों को ध्यान सिखाया.

संवाददाता, दुमका झारखंड दिव्यांग समानता संरक्षण और सशक्तीकरण अभियान के अंतर्गत रविवार को श्री अमड़ा स्थित नेत्रहीन विद्यालय में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम किया गया. इसमें 25 नेत्रबाधित बच्चों को 3 डी मॉडल, स्माइल बॉल गेम, स्नेक लैडर गेम और म्यूजिक डांस और मोटिवेशन स्पीच के माध्यम से बच्चों को ध्यान सिखाया. केंद्र की संचालिका बीके जयमाला ने ब्रह्माकुमारी के दिव्यांग प्रभाग की सेवा की सराहना करते हुए बताया कि राजयोग ध्यान बहुत सहज है. इसे बच्चे, बड़े जवान, पढ���े-लिखे या अनपढ़ एवं दिव्यांग जन भी कर सकते हैं. प्रभाग प्रभारी बीके सूर्य प्रकाश, बीके कालीचरण, बीके कपिल, बीके अर्जुन, बीके रश्मी, बीके राजकुमार, बीके मौसमी आदि ने वैल्यू बेस्ड गेम कराया. प्रिंसिपल शिव नंदन महतो ने ब्रह्माकुमारी संस्था का धन्यवाद करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था हमें ज्ञान का नेत्र प्रदान कर रही है, जिससे ही हम ईश्वर पिता को जान सकें, उनसे अपनी आत्मा की बैटरी चार्ज कर सुख-शांति, आनंद ज्ञान शक्ति पवित्रता जैसी शक्तियों से भरपूर होकर अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं. तभी सुखमय दुनिया की कल्पना साकार हो सकती है. बीके रेखा ने राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति पहले करायी, फिर बताया कि 6 को देवघर में कार्यक्रम के बाद 7 जनवरी को मूक बधिर विद्यालय हिजला में कार्यक्रम होगा. इसके बाद उसी दिन 11 से 1 बजे अपराह्न राज पैलेस शिव पहाड़ चौक दुमका में झारखंड दिव्यांग सेवा का सम्मान समारोह किया जायेगा.

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