डिजिटल क्रॉप सर्वे की रफ्तार धीमी, 15 दिन और बढ़ा सर्वे का समय

पहले चरण में सर्वे की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित थी. लेकिन लक्ष्य से काफी पीछे रहने के कारण इसे 15 अक्टूबर तक बढ़ाया गया.

दलाही. डिजिटल क्रॉप सर्वे की रफ्तार धीमी पड़ गयी है. लक्ष्य समय पर पूरा न होने के कारण इसकी अवधि एक बार फिर 15 दिन के लिए बढ़ा दी गयी है. अब यह सर्वे 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा. इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर फसलों से संबंधित सटीक डेटा एकत्र करना है, ताकि किसान और सरकार दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सके. पहले चरण में सर्वे की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित थी. लेकिन लक्ष्य से काफी पीछे रहने के कारण इसे 15 अक्टूबर तक बढ़ाया गया. अब एक बार फिर अवधि बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गयी है ताकि सभी किसानों और खेतों का डेटा समय पर अपलोड हो सके. दुमका जिले में अब तक 1,58,901 सर्वे किए जा चुके हैं, जिनमें से 1,05,276 को ही स्वीकृत किया गया है. आंकड़े बताते हैं कि सर्वे का काम निर्धारित गति से काफी पीछे चल रहा है. डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत मोबाइल ऐप के माध्यम से खेतों में बोयी गयी फसलों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है. इसमें फसलों के साथ-साथ घर, परती जमीन, सड़क, तालाब, पत्थर, पहाड़ और पेड़ों जैसी सभी भौगोलिक जानकारियां भी शामिल की जाती हैं. इस प्रक्रिया से केंद्र और राज्य सरकार के पास कृषि से जुड़ा सटीक और पारदर्शी डेटा उपलब्ध होता है. इस सर्वे के माध्यम से किसानों को बीज, खाद, ऋण और फसल बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और तेज़ी से मिल सकेगा. आपदा की स्थिति में फसल नुकसान का आकलन भी आसानी से किया जा सकेगा, जिससे क्षतिपूर्ति समय पर संभव हो पाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: BINAY KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >