दूसरी सोमवारी को शिव मंदिरों में भक्तों ने की पूजा-अर्चना

सुबह से ही शिवालयों में कतारबद्ध भक्तों ने जलार्पण कर परिवार व समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की.

दुमका. सावन की दूसरी सोमवारी पर दुमका के विभिन्न क्षेत्रों में भगवान शिव की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. सुबह से ही शिवालयों में कतारबद्ध भक्तों ने जलार्पण कर परिवार व समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की. एक ओर जहां शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, वहीं प्रखंड में पारंपरिक बाबा दुबे पूजा भी धूमधाम से मनायी गयी. सावन की दूसरी सोमवारी और एकादशी तिथि के संयोग से उपराजधानी दुमका के प्रमुख शिवालयों जैसे शिवपहाड़, गोपाल मंदिर, धर्मस्थान, डंगालपाड़ा शिव मंदिर, गिलानेश्वरनाथ मंदिर, पोखरा चौक स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालु जल कलश लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते दिखे. लोगों ने सुख-शांति और कल्याण की कामना की. मान्यता है कि सोमवारी और एकादशी के योग में भगवान शिव और विष्णु दोनों की आराधना करने से समस्त पापों का नाश होता है. दुमका के जरुवाडीह में इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ रुद्राभिषेक किया.

रानीश्वर: बांग्ला सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ा जनसैलाब

बांग्ला पंचांग के अनुसार सावन की पहली सोमवारी पर रानीश्वरनाथ शिव मंदिर, थाना परिसर शिव मंदिर, आसनबनी, टांगेश्वरनाथ शिव मंदिर, तरणी, बांसकुली, पाटजोड़, चापुड़िया, प्रतापपुर, सुखजोड़ा आदि स्थानों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी. सदर प्रखंड के रानीबहाल, मसानजोर, पारसिमला के मंदिरों में भी भक्तों ने पूरे श्रद्धा से जलार्पण किया. श्रद्धालु परिवार सहित सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते रहे. रामगढ़ में तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, महादेवसोल कुप्पी, स्वप्नानाथ शिव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव लखनपुर, कुशेश्वरनाथ कुसियाम, दीनानाथ महादेव सरसा-धाबाटांड़, बटेश्वरनाथ, सारमीनाथ, परमानाथ, मड़प्पानाथ और भांगना��� महादेव मंदिर में हजारों भक्तों ने पूजा की.. कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भागलपुर के बरारी सीढ़ी घाट से गंगाजल लाकर डाक कांवरियों ने 24 घंटे में जलार्पण किया.

बसमत्ता और अस्ताजोड़ा में दूबे बाबा की हुई पूजा

मसलिया के बसमत्ता और अस्ताजोड़ा गांवों में वार्षिक दुबे पूजा धूमधाम से की गयी. आयोजन दास परिवार ने किया. पुजारी सुबोध झा ने बताया कि दूध, चीनी और अगरबत्ती अर्पित कर बाबा दुबे को प्रसन्न किया जाता है. ग्रामीणों ने मिलकर पूजा में सहभागिता की. वहीं अस्ताजोड़ा में दुबे पूजा की बली प्रथा के साथ भव्यता देखी गयी. सैकड़ों बकरों की बली दी गयी. सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह, खागा थाना प्रभारी तथा मसलिया पुलिस प्रशासन उपस्थित रहे. पुजारी बलराम पांडेय के अनुसार यह पूजा परंपरागत तरीके से होती है.

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Published by: Rakesh kumar

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