फिर जोर पकड़ने लगी जरमुंडी को अनुमंडल बनाने की मांग

बासुकिनाथ में देश-विदेश से आते हैं श्रद्धालु, सभी अहर्ता को पूरा करता है प्रखंड मुख्यालय

बासुकिनाथ. जरमुंडी प्रखंड को अनुमंडल बनाये जाने की मांग यहां के लोगों द्वारा पिछले तीन दशकों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है. अनुमंडल बनने से इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा. प्रसिद्ध तीर्थस्थल बासुकिनाथ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पहुंचते हैं. केवल सावन-भादो में ही करीब 40 लाख श्रद्धालु यहां आते हैं. अनुमंडल बनने से बासुकिनाथ मंदिर और मेला क्षेत्र के विकास को नयी गति मिल सकती है. लोगों ने कई बार धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचायी, परंतु यह अब तक अधूरी रही है. जरमुंडी के लोगों को कोर्ट के कार्य के लिए 25 किलोमीटर दूर दुमका जाना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाई होती है. अनुमंडल बनने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी, रोजगार के अवसर मिलेंगे. विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. जरमुंडी अनुमंडल बनने की सभी अहर्ताएं पूरी करता है. यहां बासुकिनाथ में अधिकांश विभागों के अनुमंडलीय कार्यालय पहले से मौजूद हैं. भौगोलिक दृष्टि से सरैयाहाट, जामा और रामगढ़ प्रखंड इससे सटे हैं. वर्ष 2010 में उपायुक्त दुमका ने भी इसे अनुमंडल बनाने की सिफारिश राज्यपाल को भेजी थी. राजनीतिक दलों ने कई चुनावों में इस मुद्दे को उठाया, परंतु सत्ता में आने के बाद इसे भुला दिया गया. जनता का मानना है कि जरमुंडी को अनुमंडल बनाना अब समय की मांग है, जिससे क्षेत्र की वर्षों से उपेक्षित विकास यात्रा को दिशा मिल सके. क्या कहते हैं स्थानीय लोग बासुकिनाथ में हर वर्ष सावन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है. श्रद्धालुओं की सुविधार्थ अनेक कार्य कराये जाने की जरूरत है. अनुमंडल बनने से तेजी से विकास होगा. आमलोगों को भी परेशानी नहीं होती. लोगों को कोर्ट के काम से दुमका नहीं जाना पड़ता. शिवशंकर पांडेय जरमुंडी अनुमंडल बनने की घोषणा अधर में लटका हुआ है. अनुमंडल बनने से लोगों को यहां एसडीओ कोर्ट की सुविधाएं प्राप्त होती. कोर्ट के काम से लोगों को 25 किलोमीटर दूर दुमका जाने में परेशानी होती है. गरीब को बहुत दिक्कत होती है. जल्द सकारात्मक पहल हो. घनश्याम मंडल अनुमंडल बनने से बासुकिनाथ में सालों भर श्रद्धालुओं के सुविधार्थ काम होता, मंदिर सहित मेला क्षेत्र का भी विकास संभव हो पाता. लोगों को न्यायालय के काम से दुमका नहीं जाना पड़ता, देवघर दुमका के बीच जरमुंडी महत्वपूर्ण बाजार है. विधानसभा क्षेत्र भी है. पहल हो. अविनाश कुमार गुप्ता अनुमंडल बनने से जरमुंडी क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा. लोगों को रोजगार मिलता क्षेत्र की बेरोजगारी दूर होती. अनुमंडल बनने से प्रखंड क्षेत्र का विकास होगा. समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो. इसके लिए जरमुंडी को अनुमंडल बनना जरूरी है. दुमका जाने की परेशानी नहीं होगी. सुरेश प्रसाद साह अनुमंडल बनने से इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होता. युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होते. बासुकिनाथ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है. मेला का विस्तार होने से बेरोजगार युवाओं को नये रोजगार उपलब्ध होते. जल्द पहल हो. रमेश गुप्ता गरीब लोगों को कोर्ट के काम से दुमका जाना पड़ता है. लोगों को परेशानी होती है. खासकर गरीब लोगों को बहुत दिक्कत होती है. यहां सभी विभाग का अनुमंडलीय कार्यालय है. जनप्रतिनिधि को ध्यान देने की जरूरत है. सरकार अनुमंडल बनाने को लेकर केवल आश्वासन देती है. केशव कुमार काफी लंबे समय से जरमुंडी को अनुमंड�� बनाये जाने की मांग की जा रही है. सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है. अनुमंडल बनने से बासुकिनाथ क्षेत्र का भी सही तरीके से सर्वांगीन विकास होता. यहां सभी विभागों के अनुमंडल कार्यालय है. सिविल कोर्ट बनना चाहिए. जुगल पत्रलेख अनुमंडल बनने की यह सभी अहर्ता को पूरा करता है. इस पर राज्य सरकार को ध्यान देना चाहिए. वोट के समय कई राजनीतिक दलों के नेता ने जरमुंडी को अनुमंडल बनाये जाने को लेकर घोषणा कर चुके हैं. कोई निर्णय नहीं लिया. जनप्रतिनिधि भी यहां के लोगों को धोखा दे रहे हैं. सुधाकर झा

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Published by: Rakesh kumar

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