पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले बांसबोना-टाबाडुमरा जर्जर सड़क मजबूतीकरण की मांग

सड़क पर डेढ़ दशक पहले कालीकरण किया गया था. पर उसके बाद इस सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढा बन गया है

रानीश्वर. दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड के बिलकांदी पंचायत के बांसबोना से पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के राजनगर प्रखंड के टाबाडुमरा पक्की सड़क की स्थिति जर्जर हो गया है. सड़क पर डेढ़ दशक पहले कालीकरण किया गया था. पर उसके बाद इस सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढा बन गया है तथा पत्थर उखड़ चुका है. इस सड़क से दो पहिया व अन्य वाहन चलाना तो मुश्किल हो गया है. वहीं राहगीरों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. इस जर्जर सड़क की मरम्मत के साथ मजबूतीकरण की मांग स्थानीय लोगों द्वारा वर्षों से किया जा रहा है. फिलहाल यह सड़क अभी ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत है. बांसबोना से पश्चिम बंगाल के टाबाडूमरा तक सड़क की लंबाई तीन किलोमीटर है. सड़क मजबूतीकरण किये जाने से पश्चिम बंगाल के राजनगर, दुबराजपुर, आसनसोल, बक्रेश्वर आदि जगहों की दूरी कम हो जायेगा. उधर, पश्चिम बंगाल के विभिन्न जगहों से पर्यटक स्थल मसानजोर व रानीश्वर की दूरी भी कम हो जायेगी. जर्जर सड़क के चलते लोगों को दूसरी ओर घूम कर आना जाना करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया :

रानीश्वर प्रखंड के बांसबोना से पश्चिम बंगाल के टाबाडुमरा तक तीन किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क मरम्मत की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं. इस जर्जर सड़क की मरम्मत के साथ मजबूतीकरण हो जाने से दोनों राज्य के लोगों का यातायात व्यवस्था सुलभ हो जायेगी.

– मोतालिब खान

इस सड़क से रानीश्वर क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के राजनगर, दुबराजपुर, आसनसोल आदि जगहों की दूरी कम है. पर सड़क की स्थिति ठीक नहीं रहने से दूसरे रास्ते से घूम कर आना-जाना करना पड़ता है. विभाग की ओर से सड़क मरम्मत कराये जाने से सभी को सुविधा होगी. वहीं साइकिल व बाइक से छोटे मोटे व्यवसाय करने वाले को भी सुविधा होगी.

– लियाकत खान

बांसबोना से टाबाडुमरा सड़क की दूरी तीन किलोमीटर है. सड़क का अधिकांश भाग झारखंड क्षेत्र में आता है. इसलिए इसकी मरम्मत के लिए झारखंड सरकार को ही पहल करनी चाहिए. सड़क मजबूतीकरण कराये जाने से दोनों राज्य के लोगों को सुविधा होगी.

– प्रशांत मंडल

इस जर्जर सड़क से बाइक व चार पहिया वाहन से आना-जाना करने से हर समय टायर पंचर होने का डर लगा रहता है. तीन किलोमीटर लंबी सड़क के बीच आबादी नहीं है. सड़क के दोनों ओर जंगल है. इसलिए शाम होने के पहले ही जल्दी लौटने की चिंता लगी रहती है. सड़क मजबूतीकरण कराने की संबंधित विभाग से मांग करता हूं.

– लिटन खानB

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Published by: Binay kumar

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