सुंदराफलन मोड़ से जबरदहा बुरु टोला तक सड़क पक्कीकरण की मांग

बारिश के बाद कच्ची सड़क पर बन गये हैं खतरनाक गड्ढे, आवाजाही में हो रही परेशानी

By RAKESH KUMAR | May 6, 2025 11:23 PM

शिकारीपाड़ा. प्रखंड की जामुगुड़िया पंचायत के जबरदहा बुरु टोला के ग्रामीण पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं. इस आदिवासी बहुल गांव में बिजली, पेयजल की सुविधा बहाल है. गांव से शिकारीपाड़ा राजबांध सड़क पर सुंदराफलन मोड़ तक सड़क खराब होने से आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस सड़क पर पंचायत द्वारा करीब नौ वर्ष पूर्व किमी मिट्टी मोरम सड़क व दो पुलिया बनायी गयी है. विधायक निधि से करीब सौ फीट पीसीसी सड़क बनवाया गया है. पर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने तथा वर्षा आदि कारणों से सड़क खराब हो गयी है. सड़क पर कई जगहों पर खतरनाक गढ्ढे बनने से बन गये हैं, जिससे हल्की बारिश से गड्ढों में पानी जमा हो जाती है. बरसात के समय पर गड्ढों में कीचड़ जमा होने से परेशानी और भी बढ़ जाती है. ग्रामीणों के अनुसार सड़क की निर्माण को लेकर पंचायत से लेकर जिला तक शिकायत की गयी है. आश्वासन के बाद भी कच्ची सड़क की पक्कीकरण के लिए कोई पहल नहीं हुई है. इस सड़क का उपयोग जबरदहा बुरु टोला, झिलीडाबर समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण विभिन्न कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंचने तथा दुमका, रामपुरहाट आदि जगहों में आने जाने के लिए करते हैं. क्या कहते हैं ग्रामीण सुंदराफलन मोड़ से जबरदहा बुरु टोला तक सड़क खराब होने से आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जल्द सड़क की पक्कीकरण के लिए पहल हो. – डेवला मरांडी सड़क पर जगह-जगह गढ्ढे बनने से साइकिल, बाइक चलाने में हमेशा गिरने की आशंका बनी रहती है. जल्द इस सड़क की निर्माण हो ताकि ग्रामीणों को सहूलियत मिल सके. -अंजली हांसदा सड़क खराब होने से बरसात के दिनों में चालक चारपहिया वाहन लेकर गांव में आना नहीं चाहते हैं. प्रसव रोगी या आकस्मिक रोगी को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती है. – सोनी हांसदा इस सड़क की निर्माण के लिए पंचायत से जिला तक आवेदन दिया गया है .पर आज तक इस सड़क की पक्कीकरण के लिए के लिए कोई पहल नही की गयी है . जल्द इस सड़क का पक्कीकरण हो . – उमेश हांसदा कोट सुंदराफलन मोड़ से जबरदहा बुरु टोला तक पक्की सड़क निर्माण का प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही इस सड़क का पक्कीकरण करवा दिया जायेगा. ताकि आवाजाही में ग्रामीणों को परेशानी न हो सके. नलिन सोरेन, सांसद, दुमका

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