बासुकिनाथ. राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को कंपोजिट कंट्रोल रूम का उद्घाटन अंचल अधिकारी संजय कुमार ने किया. बताया गया कि 23 मार्च तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान का दूसरा चरण चलाया जायेगा. अभियान के तहत सहिया और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर त्वचा पर धब्बे, सुन्नता और दिव्यांगता के लक्षणों की जांच कर संभावित मरीजों की पहचान करेंगे, ताकि समय पर निःशुल्क मल्टी ड्रग थेरेपी शुरू की जा सके. जरमुंडी क्षेत्र के 181 कुष्ठ प्रभावित गांवों में सहिया व वॉलंटियर घर-घर सर्वे कर संदिग्ध रोगियों को चिह्नित करेंगे. पुष्टि के लिए सीएचसी, जरमुंडी लाकर उनका उपचार कराया जायेगा. इलाज के दौरान प्रत्येक रोगी को उपचार अवधि तक 500 रुपये प्रति माह की सहायता राशि भी दी जायेगी. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अंजू कुमारी ने बताया कि कुष्ठ रोग त्वचा और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर व्यक्ति को विकलांग बना सकता है. हालांकि सरकारी अस्पतालों में इसका निःशुल्क उपचार उपलब्ध है. समय पर इलाज से रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है. इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और सहिया उपस्थित थीं.
सीएचसी में कुष्ठ रोगी खोज अभियान के तहत कंपोजिट कंट्रोल रूम का शुभारंभ
181 प्रभावित गांवों की सहिया व वॉलंटियर करेंगे मरीजों की पहचान
