दुमका. दुमका का कन्वेंशन सेंटर रविवार को नृत्य और संगीत की रंगीन प्रस्तुतियों से गुलजार रहा. मीतराज क्रिएटिव डांस एंड एक्टिंग स्कूल की ओर से आयोजित ‘डांस दीवाने नृत्य महोत्सव-2026’ के तीसरे सीजन में 152 कलाकारों ने 28 प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. करीब 650 से अधिक दर्शकों से भरे सभागार में कलाकारों की हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीजीप दास डिप्टी डायरेक्टर, डायरेक्टरेट ऑफ ऑर्डिनेंस, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, विशिष्ट अतिथि डीटीओ मृत्युंजय कुमार, डीइओ संजीत कुमार, कार्यपालक अभियंता अमिताभ सोरेन, लेफ्टिनेंट सुमिता सिंह और पूनम यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
कथक से बॉलीवुड तक दिखा नृत्य का रंग
महोत्सव में तीन वर्ष के बच्चों से लेकर बड़े कलाकारों ने कथक, बॉलीवुड, कंटेंपरेरी और थीम आधारित नृत्य प्रस्तुत किए. ‘मां काली’, ‘गणपति वंदना’ और ‘हॉरर डांस’ जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा. वहीं राज कपूर की स्मृति में प्रस्तुत ‘मेरा नाम जोकर’ ट्रिब्यूट एक्ट ने पुरानी यादें ताजा कर दीं.
अनन्या ने जीता राइजिंग कोरियोग्राफर का खिताब
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘राइजिंग कोरियोग्राफर कंपटीशन’ रहा. इसमें पीहू, अनन्या और अन्वेषा ने हिस्सा लिया. तीनों ने अपनी थीम का चयन कर टीम तैयार की और स्वयं कोरियोग्राफी करते हुए प्रस्तुति दी. प्रतियोगिता में अनन्या ने राइजिंग कोरियोग्राफर का खिताब जीता. प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर मिला.
बच्चों ने संभाली मंच से पर्दे तक जिम्मेदारी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मंच संचालन के साथ पर्दे के पीछे की कई व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी मीतराज क्रिएटिव के विद्यार्थियों ने संभाली. इससे बच्चों को मंचीय अनुभव के साथ प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिला.
आयोजन की डीइओ ने की सराहना
डीइओ संजीत कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दुमका में इस स्तर के कार्यक्रम की उम्मीद नहीं की थी. कार्यक्रम में आने के बाद इसकी भव्यता देखकर वे प्रभावित हुए. उन्होंने मीतराज क्रिएटिव की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए, ताकि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले.
प्रतिभाओं को मंच देना उद्देश्य
संस्थान के निदेशक मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि कोरोना के बाद बच्चों के लिए बड़े सांस्कृतिक मंच की कमी महसूस हुई. इसी उद्देश्य से 2024 में महोत्सव की शुरुआत हुई थी. 2025 के दूसरे सीजन के बाद इस वर्ष तीसरा सीजन आयोजित किया गया. उन्होंने कहा कि दुमका की प्रतिभाओं को निरंतर मंच उपलब्ध कराना ही आयोजन का उद्देश्य है.
