विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के मामले में अदालत ने सुनाया फैसला प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट दुमका व्यवहार न्यायालय की तृतीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने देसी बम बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपी मुन्ना राय को दोषी करार देते हुए विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 एवं 5 के तहत पांच-पांच वर्ष की सजा सुनायी है. दोनों धाराओं में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायालय ने यह आदेश पारित किया. अदालत ने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा बरामदगी से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप प्रमाणित हुए हैं. मामले के अनुसार, शिकारीपाड़ा कांड संख्या 69/2016 में पुलिस ने सह-अभियुक्त कलीम अंसारी की निशानदेही पर मुन्ना राय के घर से दो जिंदा देसी बम और एक लोहे की कटारी बरामद की थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को सिद्ध किया. सह-अभियुक्त कलीम अंसारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर न्यायालय ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. अदालत ने आदेश में कहा है कि यदि मुन्ना राय जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक धारा में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. वर्ष 2016 में दर्ज इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोष सिद्धि के बाद सजा का आदेश सुनाया.
देसी बम बरामदगी मामले में मुन्ना राय को पांच वर्ष की सजा
दुमका व्यवहार न्यायालय की तृतीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने देसी बम बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपी मुन्ना राय को दोषी करार दिया.
