दुमका. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र दुमका की ओर से सिविल सर्जन सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन दुमका सिविल सर्जन डॉ कमलेश्वर प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. सिविल सर्जन डॉ कमलेश्वर प्रसाद ने कहा कि आत्महत्या एक गंभीर सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्या है. अगर समय पर सही दिशा में पहल की जाए और लोगों को जागरूक किया जाए, तो आत्महत्या की घटनाओं पर रोक लगायी जा सकती है. फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ अतुल ने आत्महत्या की चेतावनी संकेतों और इस वर्ष की थीम पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जीवन में तनाव या असफलता आने पर भी हमें आत्महत्या की बजाय जिंदगी का विकल्प चुनना चाहिए. जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के साइकाइट्रिक सोशल वर्कर जुल्फिकार अली भुट्टो ने बताया कि अवसाद, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, प्यार में असफलता, परीक्षा में असफलता, और उत्तेजना में लिए गए गलत फैसले आत्महत्या के मुख्य कारण हैं. उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया. कार्यक्रम में रोहिणी ने मंच संचालन किया. मौके पर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के लवली शील, मनीष कुमार सिंह, अनूप कुमार मुर्मू सहित कई लोग मौजूद रहे.
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