30 परिवारों का गांव, दो भव्य दुर्गा पूजा की परंपरा; चांपाफुली में 50 साल से गूंज रहा मां दुर्गा का जयकारा

रानीश्वर के चांपाफुली गांव में 50 साल से दुर्गा पूजा हो रही है. सिर्फ 30 परिवारों के इस गांव में दो भव्य दुर्गा पूजाएं आयोजित होती हैं, जिनमें ग्रामीण उत्साह से भाग लेते हैं.

रानीश्वर. मयुराक्षी नदी के किनारे बसे चांपाफुली गांव में करीब 50 सालों से सार्वजनिक दुर्गा पूजा होती आ रही है. गांव में दो अलग-अलग दुर्गा पूजा की जाती है, जिनमें एक पारिवारिक तथा दूसरी सार्वजनिक दुर्गा पूजा है.

ग्रामीण सोमनाथ राय ने बताया कि पहले सार्वजनिक दुर्गा पूजा मिट्टी की दीवार व फूस की छत वाले मंदिर में दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर की जाती थी. हालांकि ग्रामीणों के प्रयास से करीब पांच साल पहले भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है. इसके बाद से मंदिर में ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है. वहीं, पारिवारिक दुर्गा पूजा के लिए भी मंदिर बनवाया गया है.

30 परिवार, फिर भी दो-दो पूजा

गोबिंदपुर पंचायत का चांपाफुली एक छोटा सा गांव है. यहां करीब 30 परिवार हैं. इसके बावजूद ग्रामीणों के प्रयास से धूमधाम से दुर्गा पूजा की जाती है. छोटा सा गांव होने के बावजूद दो-दो दुर्गा पूजा होने से ग्रामीण काफी खुश नजर आते हैं. जानकारी के अनुसार, इसके अलावा इसी गांव में एक जगह कलश स्थापना कर भी दुर्गा पूजा की जाती है.

दशमी को होगा प्रतिमा विसर्जन

चांपाफुली में दुर्गा प्रतिमा दशमी के दिन विसर्जित की जाती है. ग्रामीण दुर्गा पूजा की अंतिम तैयारी में जोर-शोर से जुट गए हैं.

इन गांवों में भी होती है पूजा

इसके अलावा गोबिंदपुर पंचायत के दिगुली में दो, आमजोड़ा, गोबिंदपुर, गोबिंदडीह, आलगपाथर और हाड़जुड़िया गांव में भी धूमधाम से दुर्गा पूजा की जाती है.

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By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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