स्कूल कैंपस व हॉस्टल में लगे सीसीटीवी, बसों में लगे जीपीएस

निजी स्कूलों के प्रबंधकों की बैठक में बच्चों की सुरक्षा पर जोर, बोले डीइओ

दुमका. जिले के निजी विद्यालयों को अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने होंगे. मंगलवार को जैक में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार ने जिले के सभी निजी स्कूलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर भारती कुमारी बनाम भारत संघ मामले में झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि हर विद्यालय परिसर और छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाये जायें. कैमरों का कंट्रोल रूम विद्यालय के कार्यालय में होना चाहिए. विद्यालय की बसों में महिला कर्मी की तैनाती की जाये. सभी बसों में जीपीएस की सुविधा उपलब्ध हो और बसों पर टोल फ्री नंबर अंकित होना चाहिए, ताकि अभिभावक और अधिकारी आवश्यकता पड़ने पर सीधा संपर्क कर सकें. गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया जाये उन्होंने कहा कि हर विद्यालय में सुरक्षा समितियां बनायी जाएं, जो समय-समय पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करें. बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया जाये. इस विषय पर शिक्षक-अभिभावक बैठकों में भी चर्चा की जाये. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रबंधकों को निर्देश दिया कि इन सभी व्यवस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर लागू करना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.बैठक में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम सुंदर मोदक, विभाष चंद्र महतो, डॉली कुमारी, रंजन डॉन, सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामर सुबल चंद्र कपूर, कार्यालय सहायक गौर किशोर सहित जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रिंसिपल और संचालक उपस्थित थे. शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारी बेहद अहम बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षक चाहे निजी विद्यालय में हों या सरकारी में, उनका पद प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी से जुड़ा है. स्कूलों में सर्वाधिक मानव बल कार्यरत है. समाज निर्माण में उनकी भूमिका अहम है. इसलिए सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना प्रत्येक शिक्षक और प्रबंधक की जिम्मेदारी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि 16 से 30 सितंबर तक सभी विद्यालयों में स्वच्छता पखवारा मनाया जाये. उन्होंने मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना, एक पेड़ मां के नाम और ईको क्लब गठन में निजी विद्यालयों से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर असंतोष जताया और सुधार करने का निर्देश दिया. बोर्ड परीक्षा और नामांकन नियमों पर सख्ती बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होनेवाले सभी विद्यार्थियों के लिए अपार आइडी पेन नंबर और 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी. दोहरे नामांकन और डुप्लीकेसी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पायी जाने पर विभाग निबंधन रद्द करने या विद्यालय बंद करने की कार्रवाई कर सकता है.

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Published by: Rakesh kumar

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