हैंडल पर खड़े होकर दिखाया बेजोड़ संतुलन, तिरंगे से देशभक्ति का भरा जज्बा प्रतिनिधि, दलाही मसलिया प्रखंड के जेरवाखिलकनाली सार्वजनिक मैदान तिलखमार में साइकिल के करामाती सर्कस का ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने कड़ाके की ठंड में भी दर्शकों के जोश को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया. नाला के युवक और उसकी टीम ने साइकिल को महज यातायात का साधन नहीं, बल्कि कला और साहस का बेजोड़ मंच बना दिया. शुरुआत में कलाकार ने अपनी साइकिल का अगला पहिया हटाकर केवल पिछले पहिये पर पूरे मैदान का चक्कर लगाया. संतुलन ऐसा कि मानो तमीन से नहीं, हवा में तैरते हुए सवारी कर रहा हो. इस दौरान कलाकार ने एक हाथ में तिरंगा थाम कर दर्शकों को देशभक्ति के रंग में भी रंग दिया. भीड़ तब सन्न रह गयी, जब कलाकार चलती साइकिल के हैंडल पर खड़ा हो गया. बिना हैंडल पकड़े साइकिल को गोल-गोल घुमाने लगा. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने रोमांचक प्रदर्शन पर खड़े होकर तालियां बजायी. आग के गोलों के बीच से निकाली साइकिल रोमांच को चरम पर ले जाते हुए टीम के मुख्य सदस्य ने जलते हुए छल्लों के बीच से साइकिल को तेज रफ्तार में निकालकर सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया. सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच दिखाए गए इस करामाती खेल ने दर्शकों का दिल जीत लिया.
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