62 हजार श्रद्धालुओं ने फौजदारीनाथ को किया जलार्पण

मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट कांवरियों से पटा रहा. बोल बम के जयकारे गूंजते रहे. श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ की स्पर्श पूजा कर अपनी मनोकामनाएं मांगी.

भादो मेला. 10वें दिन एकादशी तिथि को बासुकिनाथ में जुटी कांवरियों की भीड़, लगे जयकारे

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ

भादो के एकादशी तिथि को मेला के 10वें दिन बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट कांवरियों से पटा रहा. बोल बम के जयकारे गूंजते रहे. श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ की स्पर्श पूजा कर अपनी मनोकामनाएं मांगी. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 62 हजार श्रद्धालुओं ने जलार्पण कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. सुल्तानगंज उतरवाहिनी गंगा से जल उठाकर हजारों श्रद्धालु बासुकिनाथ मंदिर पहुंचे. कांवरिये बाबा फौजदारीनाथ पर जल चढ़ाने के लिए लंबी कतारों में खड़े थे. शिवभक्तों को गर्भगृह के अंदर प्रवेश कराकर पुलिस व्यवस्था के तहत पूजा-अर्चना करायी गयी. मंदिर गर्भगृह में पुरोहित पूजा के बाद कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट को खोल दिया. सुबह चार बजे से श्रद्धालु कतारबद्ध व सुरक्षित व्यवस्था के तहत नागेश का जलाभिषेक करना प्रारंभ किया. शाम पांच बजे भोलेनाथ की विश्राम पूजा के लिए कांवरियों का जलार्पण और पूजा रोक दी गयी. इस बीच भोलेनाथ नागेश की षोडशोपचार पूजन के बाद क्षणिक विश्राम के लिए बाबा मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये. विश्राम पूजन के बाद मंदिर के कपाट पुनः खोले गये. कांवरियों ने फिर से मंदिर में जलार्पण करना शुरू किया, जो रात्रिकालीन श्रृंगार पूजा तक जारी रही. एकादशी पर भक्तों ने पवित्र शिवगंगा में डुबकी लगाकर बाबा भोलेनाथ की स्पर्श पूजा की. मंदिर परिसर बोल बम बोल बम के नारों से गुंजायमान रहा. भक्तों ने जलार्पण के बाद मंदिर प्रांगण में आरती की. भादो मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति बनी है. श्रद्धालु भादो मास में भी सुगमतापूर्वक कतारबद्ध होकर गर्भगृह में जलार्पण कर रहे हैं. इसे लेकर पूर्व में ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया. मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गये हैं, जिसमें कतार प्रबंधन, जलार्पण की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं.

1329 कांवरियों ने किया शीघ्रदर्शनम

शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत भादो मास की एकादशी को 1329 टोकन बिके. श्रद्धालु मंदिर कार्यालय में 300 रुपये का रसीद लेकर शीघ्रदर्शनम गेट से मंदिर गर्भगृह में सुलभ जलार्पण किया. इस व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन को 3 लाख 98 हजार 700 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई. मंदिर सिंह द्वार से शीघ्रदर्शनम के श्रद्धालु मंदिर प्रांगण स्थित विशेष द्वार से मंदिर गर्भगृह में प्रवेश कर जलार्पण करते है. मंदिर प्रभारी सह बीडीओ कुंदन भगत, पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल कंट्रोल रूम से सीसीटीवी की मदद से मंदिर व मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाये रखा.

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Published by: Anand jaswal

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