Lead News : कांवरियों की भक्ति से सराबोर है बाबा की नगरी

श्रावणी मेला महोत्सव में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी.

श्रावणी मेला. कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को 77,540 कांवरियों ने किया जलाभिषेक, लगाये जयकारे

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ

राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 77,540 कांवरियों ने बाबा फौजदारीनाथ का जलार्पण कर सुख-समृद्धि की कामना की. दोपहर बाद मुसलाधार बारिश हुई. ऊमस भर्री गर्मी में कांवरियों को राहत मिला. दिनभर मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा. मंदिर प्रांगण में कतारबद्ध होकर कांवरियों ने जलाभिषेक किया. भोलेनाथ की प्रभातकालीन पुरोहित पूजा के बाद कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट को खोल दिया गया. सुबह चार बजे से श्रद्धालु कतारबद्ध व सुरक्षित व्यवस्था के तहत फौजदारीनाथ को जलाभिषेक करना प्रारंभ किया. शाम पांच बजे भोलेनाथ की विश्राम पूजा के लिए कांवरियों का जलार्पण और पूजा रोक दी गयी. इस बीच भोलेनाथ की षोडशोपचार पूजन के बाद क्षणिक विश्राम के लिए बाबा मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये. विश्राम पूजन के बाद मंदिर के कपाट पुनः खोले गये. कांवरियों ने फिर से मंदिर में जलार्पण करना शुरू किया, जो रात्रिकालीन शृंगार पूजा तक जारी रही. मंदिर में कांवरियों के श्रद्धा आस्था देखते ही बन रही थी. मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था व कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पदाधिकारी लगे रहे. सरकारी पूजा के बाद मंदिर का पट कांवरियों के लिए खोल दिया गया. कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, क्यू कॉम्प्लेक्स तक जा पहुंची. कतारबद्ध कांवरियों को बरसात व धूप से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा शेड की भी व्यवस्था की गयी है. मंदिर निकास द्वार के बगल में जलार्पण काउंटर है. इसमें 5,220 कांवरियों ने जल डाला. जलार्पण काउंटर में डाले गए जल सीधे बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर पाइप द्वारा गिरता है. इस व्यवस्था को श्रद्धालु इंटरनेट जलार्पण कहते हैं. काउंटर पर 10 एलइडी टीवी लगाये गये हैं. इसमें भोलेनाथ के गर्भगृह में जलार्पण का लाइव दर्शन होता है. इसे श्रद्धालु इंटरनेट पूजा कहते हैं.

3026 कांवरियों ने किया शीघ्रदर्शनम

मंदिर कार्यालय के अनुसार शुक्रवार को 3026 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम व्यवस्था का लाभ उठाकर सुलभ जलार्पण किया. इस व्यवस्था के तहत कांवरियों ने 300 रुपये का रसीद कटाया. इसके बाद श्रद्धालुओं के शीघ्रदर्शनम गेट पर टोकन का जांच कर भक्त को मंदिर प्रांगण में प्रवेश कराया गया. इस व्यवस्था से मंदिर न्यास परिषद बासुकिनाथ को 9 लाख 07 हजार 800 रुपये प्राप्त हुए. शीघ्रदर्शनम पूजा कर कांवरिया प्रसन्न हो रहे हैं.

मंदिर को 9,78,635 रुपये की आमदनी हुई

शिव मंदिर न्यास परिषद बासुकिनाथ को शुक्रवार को 9,78,635 रुपये की आमदनी हुई. मंदिर गर्भगृह गोलक से 59,010 रुपये प्राप्त हुए. अन्य स्रोतों से 11,825 रुपये मंदिर को मिले. गोलक से निकले राशि की गिनती सीसीटीवी के निगरानी में मंदिर प्रशासनिक भवन में अधिकारियों के समक्ष की गयी.

कोलकाता की कांवर मंडली ने किया जलार्पण

बासुकिनाथ. श्रावणी मेला में कोलकाता की कांवर मंडली ने बाबा फौजदारीनाथ का जलार्पण किया. मंदिर प्रांगण में मंडली द्वारा भव्य आरती की गयी. श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ पर जलार्पण कर सुख-समृद्धि की कामना की. भक्त राजेश अग्रवाल, मोती सिंह, संतोष कुमार, बबलू कुमार आदि ने बताया कि पिछले नौ वर्षों से बासुकिनाथ पहुंच कर बाबा का जलार्पण करते रहे हैं. सुल्तानगंज उतरवाहिनी गंगा से जल लाकर पहले बैद्यनाथधाम में जल चढ़ाये. इसके बाद फिर बासुकिनाथ पहुंचकर सुगमतापूर्वक भोलेनाथ की पूजा की. भोलेनाथ दयालु हैं. वे सबकी सुनते हैं. फौजदारी बाबा की पूजा से असीम शांति मिलती है. मंडली के सदस्यों ने बताया कि जब से भोलेनाथ के दरबार में आ रहा हूं. परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

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Published by: Anand jaswal

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