मंत्री के बयान से आंबेडकर के विचारों का हुआ अपमान

हफीजुल हसन के विवादित बयान के खिलाफ भाजपाइयों ने किया प्रदर्शन, कहा

By RAKESH KUMAR | April 21, 2025 11:37 PM

दुमका. हेमंत सरकार के मंत्री हफीजुल हसन के विवादित बयान के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सोमवार को आक्रोश प्रदर्शन किया गया. भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव कांत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुराने समाहरणालय से कचहरी परिसर होते हुए उपायुक्त कार्यालय गेट तक पैदल आक्रोश मार्च निकाला. राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. जिलाध्यक्ष गौरव कांत ने कहा कि मंत्री हफीजुल हसन का यह बयान कि संविधान से ऊपर शरीयत है. न केवल भारत के संविधान का अपमान है, बल्कि यह बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी अपमान है. कहा कि यह बयान लोकतंत्र के मूल भावना के विरुद्ध है. ऐसे मंत्री को क्षण भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि मंत्री पद की शपथ संविधान के नाम पर ली जाती है, जो मंत्री संविधान से ऊपर किसी अन्य व्यवस्था को मानते हैं, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए. पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. राज्य सरकार यदि मंत्री हफीजुल हसन को तुरंत बर्खास्त नहीं करती है, तो यह साफ संकेत होगा कि सरकार भी उनके विचारों से सहमति रखती है. बीजेपी ने मार्च के माध्यम से झारखंड सरकार को संदेश देना चाहा कि देश संविधान से चलेगा न कि किसी धर्म विशेष की धार्मिक व्यवस्था से. आक्रोश मार्च में प्रदेश मंत्री रविकांत मिश्रा, भाजपा नेता सीताराम पाठक,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निवास मंडल, अमरेंद्र सिंह मुन्ना, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, गायत्री जायसवाल, रघुनाथ दत्ता, बबलू मंडल, मार्शल ऋषिराज टुडू, जिला महामंत्री मनोज पांडेय, पवन केशरी, सोनी हेंब्रम, गुंजन मरांडी, विमल मरांडी, रूपेश मंडल, श्रीधर दास आदि मौजूद थे.

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