दुमका में ब्रांडेड मिठाई के नाम पर बिक रहा 'धीमा जहर'!प्रशासन की 'ढीली' कार्रवाई से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद

दुमका में त्योहारों के मौसम में नकली पनीर और सिंथेटिक खोवा का जानलेवा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. प्रशासन की 'खानापूरी' वाली कार्रवाई से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं. जानें क्यों जनता सवाल उठा रही है.

संवाददाता, दुमका:दुमका जिले में त्योहारों से पहले नकली पनीर, सिंथेटिक खोवा और रसायनिक रंगों का जानलेवा खेल धड़ल्ले से जारी है. हैरानी की बात यह है कि प्रशासन कार्रवाई के नाम पर हर बार महज 'खानापूरी' कर छोड़ देता है. लाखों रुपये का रोजाना टर्नओवर करने वाले व्यापारियों पर कुछ हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर छोड़ दिया जाता है, जिससे इनका मनोबल सातवें आसमान पर है. न तो इन मिलावटखोरों पर कोई सख्त कानूनी धाराएं लगाई जा रही हैं और न ही इनके लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

शहर की इन नामी मिठाई दुकानों पर अचानक छापा

शनिवार को दुमका प्रशासन की टीम ने अचानक शहर के कई वीआईपी और बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण (Surprise Raid) किया। यह बड़ी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (दुमका-2) डेजी नीलिमा तिग्गा एवं परीक्ष्यमान उपसमाहर्ता करिश्मा भगत के नेतृत्व में की गई.इस टीम को नगर थाना पुलिस बल का भी पूरा सहयोग मिला.

जांच के दायरे में आई ये प्रमुख दुकानें

  • महाराजा स्वीट्स
  • माखन भोग
  • अग्रसेन स्वीट्स
  • नारायणी स्वीट्स
  • नारायणी जलपान
  • मोनिका स्वीट्स एवं रेस्टोरेंट

ऑन-द-स्पॉट टेस्ट में खुला राज: पनीर में मिला था स्टार्च

अधिकारियों ने जब इन दुकानों के मिठाई निर्माण स्थलों (किचन) और साफ-सफाई का जायजा लिया, तो स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई.मौके पर ही जब पनीर की 'ऑन-द-स्पॉट' जांच की गई, तो उसमें भारी मात्रा में स्टार्च की मिलावट पाई गई. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 04 किलोग्राम जहरीला/मिलावटी पनीर जब्त कर उसे नष्ट करवा दिया. इसके अलावा, मिठाई बनाने के लिए रखी गई 02 किलोग्राम बेहद सड़ी-गली और खराब सामग्री को भी मौके पर ही फेंकवाया गया.

सिर्फ 16,000 रुपये का जुर्माना, जनता पूछ रही- लाइसेंस रद्द कब होगा?

इस बेहद गंभीर लापरवाही और जनता की सेहत से खिलवाड़ करने के मामले में प्रशासन ने संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 16,000 रुपये का अर्थदंड (Fine) लगाया.हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े ब्रांड्स के लिए यह जुर्माना ऊँट के मुँह में जीरे के समान है. जब तक इन दुकानों को सील नहीं किया जाएगा या इनका लाइसेंस रद्द नहीं होगा, तब तक दुमका की जनता की थाली में यह धीमा ज़हर परोसा जाता रहेगा.

प्रशासनिक टीम ने सभी दुकानदारों को आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI Rules) का सख्ती से पालन करने की अंतिम चेतावनी दी है.

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By Anand Jayswal

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