कंबल वितरण के दौरान मौजूद जरूरतमंद लोग.
दुमका : युवाओं के समूह बंदे मातरम द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम के लिये साल के अंतिम दिन एक ऐसे अमलागढ़ी गांव का चयन किया गया, जो पहाड़ी के ऊपर बसा है और जहां मोटरसाइकिल तो दूर पैदल ही 2 किलोमीटर दुर्गम पहाड़ी का सफर तय करना होता है. यहां चिकित्सा सेवा के लिए डॉक्टर तो दूर नीम हकीम भी नहीं पहुंचते. दीपक झा और विद्यापति झा के नेतृत्व में अंजनी शरण के संयोजन में युवाओं का समूह 40 मिनट की चढ़ाई के बाद अमलागढ़ी गांव पहुंचा, जहां प्रधान से मिलकर लाभुकों को चिह्नित कर 21 लोगों को कंबल वितरित किया गया. अंजनी ने बताया कि एक सप्ताह में लगभग 150 कंबल, 450 गर्म कपड़े और 800 से ज्यादा वस्र वितरित किये गये हैं. जिनका संग्रह लोगों के सहयोग और दान से हुआ था.
अंजनी ने बताया कि सामाजिक सहयोग के कार्यों में अर्थ अभाव हमेशा अड़चन रही है पर बिना रुपयों के संचयन के और सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रयोग से प्रयास रंग लाया. मौके पर उत्तम कुमार दे,अमित कुमार, कश्यप नंदन, विशाल मरांडी, विनय हेम्ब्रम, सुनील रक्षित,मनोज राय, दीपक हेम्ब्रम, विकास चालक, आकाश कुमार, संजीव चित्रकार, शंकर सिंह पहाड़िया, सोम मरांडी, अभिषेक वर्मा, राहुल कुमार उपस्थित थे.
