जुलाई से दिसंबर तक पुलिस को लगातार मिलती रही सफलता
दुमका : साल 2016 नक्सली गतिविधि पर अंकुश लगाने के मामले में दुमका जिला पुलिस के लिए काफी अहम साबित हुई. इस साल के पूर्वाद्ध यानी प्रारंभिक छह महीनों में जहां एक भी नक्सली गिरफ्तार नहीं हो सके थे, वहीं जुलाई महीने में ही आठ, अगस्त महीने में एक, अक्तूबर महीने में 5, नवंबर महीने में तीन तथा दिसंबर महीने में एक नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं. ये सभी अठारह नक्सली हार्डकोर रहे हैं, जबकि इनके अलावा छह उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई है.
एसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गठित टीमें सूचनातंत्र की बदौलत माओवादी गतिविधियों पर शिकंजा कसने में पूरी तरह कामयाब रही. यही वजह है कि इस अवधि में नक्सली किसी भी तरह की वारदात को अंजाम देने में भी सफल नहीं हुए. दुमका पुलिस की माने तो ताला उर्फ सहदेव राय, विजय दा तथा महिला नक्सली किरण उर्फ पकु जैसे नक्सली ही अब उनकी पकड़ से दूर हैं.
ये चीजें हुई बरामद
3588300 रुपये
दो पिस्तौल व कारतूस
भारी मात्रा में डेटोनेटर व जिलेटिन
महिंद्रा की टीयूवी व मारुति स्वीफ्ट तथा बाइक
नक्सली साहित्य, दवाइयां, मोबाइल, ट्रांजिस्टर, वाकीटाकी
इन नक्सलियों की हुई गिरफ्तारी
जोनल कमेटी सदस्य मिथिलेश मंडल उर्फ मोछू उर्फ मोटा, सब जोनल कमांडर कंचन यादव उर्फ मोटा, सब जोनल कमांडर टेंपू उर्फ नरेश दा, सब जोनल कमेटी सदस्य जोसेफ उर्फ देवीलाल मरांडी, मोतीलाल देहरी, छोटा विमल, देवान किस्कू, शांति देवी, दीपक देहरी, शिवानी, सुमंती देहरी, होपना उर्फ बुधन हेंब्रम, अजय मंडल, श्रीराम राय, सन्नी कुमार, रविंद्र कुमार मंडल, दिनेश कुमार मंडल एवं गोपाल राय.
