दुमका परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में बोले गोड्डा सांसद
दुमका : दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री दुबे ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में अडाणी का ही नहीं अब जिंदल का भी पावर प्लांट लगेगा. जिंदल को भी सरकार ने कोल लिंकेज दे दिया है. उसे झारखंड मिनरल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से कोल लिंकेज मिल रहा है. दूसरे राज्य में कोयला जाने देने पर कुछ लोग विरोध नहीं कर रहे, पर पावर प्लांट का ही विरोध कर रहे हैं. विरोध करने वाले झाविमो-झामुमो को जनता ने बता दिया है कि वे विकास चाहते हैं. आने वाले दिनों में इस धरती से 7200 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. मौके पर भाजपा नेता सीताराम पाठक, निवास मंडल, सुरेश मुर्मू मौजूद थे.
पत्रकार वार्ता के दौरान गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे व उपस्थित अन्य.
एसपीटी-सीएनटी में और बदलाव की है जरुरत
दुबे ने कहा है कि एसपीटी-सीएनटी में अभी जो भी संशोधन हो रहा है, इससे केवल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आयेगी. कुछ विशेष बदलाव नहीं आयेगा. दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री दुबे ने कहा कि एसपीटी के संदर्भ में हमारी आधी-अधूरी ही मांग पूरी हुई है, जिसकी आवाज वे 2009 से ही सदन में उठाते रहे थे. इसमें और भी बदलाव की जरूरत है. आदिवासियों को भले नहीं लेकिन गैर आदिवासियों को उनकी जमीन की खरीद-बिक्री का अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1938 में ही रशेल कमेटी ने भी ऐसी सिफारिश की थी. उनकी सिफारिश को पूर्णतया लागू करना जरुरी है. श्री दुबे ने कहा कि इस संदर्भ में केंद्रीय कानून मंत्री से उन्होंने बात की है. उन्होंने सारे स्टेक हॉल्डर से बात करने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि रशेल कमेटी की इन सिफारिशों को लागू कर एसपीटी एक्ट को मजबूती से लागू करना चाहिए.
राजनीतिक रूप से कमजोर हुआ झामुमो
श्री दुबे ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन आज बड़ा मुद्दा बन गया है. कई राजनीतिक दलों ने पूरे झारखंड को छोड़ संतालपरगना को ही आज अपना राजनीतिक बेस बना लिया है. वैसे राजनीतिक दल जिनका अस्तित्व समाप्त हो रहा था, उनके लिए यह डुबते को तिनके का सहारा साबित हो रहा है. श्री दुबे ने कहा कि झामुमो की राजनीति अब खत्म हो रही है.
गैर आदिवासियों को मिले अपनी जमीन की खरीद-बिक्री का अधिकार
रशेल कमेटी की सिफारिशें भी हो लागू
मामले में अब राजनीति खत्म होनी चाहिये
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