दुमका में छात्रावास पर कार्रवाई के विरोध में रैली

रोष. एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन का िवरोध जताने संताल परगना में सड़क पर उतरे स्टूडेंट दुमका : 25 नवंबर को बुलाये गये झारखंड बंद के दौरान एसपी कॉलेज के सामने आठ वाहनों को जला डालने के मामले में चार छात्रों की गिरफ्तारी तथा छात्रावास में छापेमारी कर तीर धनुष जब्त किये जाने के विरोध में […]

रोष. एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन का िवरोध जताने संताल परगना में सड़क पर उतरे स्टूडेंट

दुमका : 25 नवंबर को बुलाये गये झारखंड बंद के दौरान एसपी कॉलेज के सामने आठ वाहनों को जला डालने के मामले में चार छात्रों की गिरफ्तारी तथा छात्रावास में छापेमारी कर तीर धनुष जब्त किये जाने के विरोध में लगभग एक हजार आदिवासी छात्र-छात्राओं ने नगर में प्रदर्शन किया तथा समाहरणालय पहुंचकर धरने पर बैठ गये. एसपी कॉलेज व एसपी महिला कॉलेज के कल्याण छात्रावास में रहने वाले ये सभी छात्र-छात्रायें प्रशासन से जब्त तीर धनुष को वापस करने,
पंद्रह छात्रों पर दर्ज करायी गयी प्राथमिकी वापस लिये जाने, गिरफ्तार किये गये चारों छात्रों को रिहा करने की मांग कर रहे थे. इन मांगों की तख्तियां थामे छात्र-छात्रायें सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे. छात्रों द्वारा एसपीटी सीएनटी में रघुवर सरकार द्वारा किये गये संशोधन तथा लागू की गयी स्थानीयता नीति को लेकर भी विरोध प्रकट किया जा रहा था. वे इन दोनो पुराने काश्तकारी कानूनों में संशोधन को वापस लेने तथा घोषित स्थानीयता नीति को निरस्त करने की मांग कर रहे थे.
आदिवासी विरोधी कदम उठा रही सरकार% छात्र नेता जोएल मुर्मू ने कहा कि सरकार आदिवासियों के विरोध में एक के बाद एक कदम उठा रही है
दुमका में छात्रावास..
उन्होंने कहा कि आदिवासी युवा शांत नहीं बैठेंगे. एसपीटी-सीएनटी हमारे लिए रक्षा कवच है. इसमें संशोधन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा. जोएन ने छात्र छात्राओं से गोलबंद रहने की भी अपील की.
संस्कृति से जुड़ा है तीर-धनुष, नहीं हुआ कभी दुरुपयोग
माकपा के जिला सचिव एहतेशाम अहमद ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए रघुवर सरकार पर जमकर निशाना साधा. कहा कि सरकार को यहां की जनता की नहीं उद्योगपतियों की चिंता है, इसलिए जनता की इच्छा के खिलाफ जाकर भी वह उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है. कहा कि तीर धनुष आदिवासियों की संस्कृति से जुड़ा हुआ है. कॉलेज में आज से नहीं कई दशकों से तीर धनुष रखे जाने की परंपरा है. इसका कभी भी दुरुपयोग नहीं हुआ है.
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शन के क्रम में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी जिशान कमर से मुलाकात की तथा राज्यपाल के नाम संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में माकपा के जिला सचिव एहतेशाम अहमद, छात्र राजेंद्र मुर्मू, आलोक कुमार सोरेन, इमानुवेल किस्कू,अमीन किस्कू, फ्रांसिस टुडू, राम प्रसाद हेंब्रम, जयप्रकाश दास, दुलाड़ टुडू, मंजुलिना मुर्मू तथा अंजली हेंब्रम शामिल थे.
सुरक्षा को लेकर मुस्तैद था प्रशासन
छात्र-छात्राओं के इस जुलूस प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन भी बहुत मुस्तैद था. जगह-जगह भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी. एसपी कॉलेज में भी कई पुलिसकर्मी तैनात किये गये थे. भीड़ के पीछे-पीछे भी भारी संख्या में पुलिस बल, बज्र वाहन, अश्रु गैस , लाठीधारी पुलिस बल चल रहे थे. समाहरणालय के अलावा कुछ चौक चौराहों पर महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थी.
दुमका में छात्रावास पर…
छात्रों ने कहा, सम्मानपूर्वक तीर-धनुष लौटाए सरकार
अन्य मांगें
पंद्रह छात्रों पर दर्ज करायी गयी प्राथमिकी वापस ली जाय.
गिरफ्तार चार छात्रों को रिहा किया जाय.
एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन को सरकार वापस ले.
राज्य सरकार द्वारा घोषित स्थानीयता नीति निरस्त हो.
छात्रवृति में किसी तरह की कटौती न की जाय.

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