तंज. छात्रों से मिलने एसपी कॉलेज हॉस्टल पहुंचे विधायक प्रदीप यादव, कहा
दुमका : एसपी कॉलेज के हॉस्टल में छात्रों को संबोधित करते हुए झारखंड विकास मोर्चा महासचिव प्रदीप यादव ने कहा कि सीएम छत्तीसगढ़ से है, इसीलिए कुर्सी संभालते ही झारखंड के देवी-देवता को छोड़ छत्तीसगढ़ अपने कुलदेवता को पूजने चले गये. मुख्यमंत्री रघुवर दास को झारखंड से मोह नहीं है, मोह होता तो बिहार जाकर वहां के नौजवानों सहित अन्य प्रदेशों में घूम-घूमकर झारखंड में बाहरियों को नौकरी का न्योता नहीं देते. उन्होंने कहा कि सीएम की कुर्सी की अगर ट्रांसफर होती, तो मुख्यमंत्री ट्रांसफर करवा कर छत्तीसगढ़ चले जाते.
यहां के एसपीटी व सीएनटी एक्ट स्थानीयता की नीति के फसाद से छुटकारा मिल जाता. उन्होंने छात्रों से 15 दिसंबर को जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया. कहा, आंदोलन में सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन वापसलेने, स्थानीयता नीति वापस लेने व बंद समर्थक छात्रों के केस वापस लेने सहित गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग शामिल होंगे.
छात्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करावाने में डीएसब्ल्यू व प्राचार्य की अहम भूमिका
सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के डीएसब्ल्यू प्रो प्रशांत एवं एसपी कॉलेज के प्राचार्य को प्रदीप यादव को भी खूब खरी-खौटी सुनायी. उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाने में इनकी अहम भूमिका है.
वहीं उन्होंने आरक्षण पर बोलते हुए चौकीदार के लिए अब रघुवर सरकार लिखित परीक्षा आयोजित करेंगे. जहां गांव में चौकीदार भी अब उत्तर प्रदेश एवं बिहार से होंगे. इसका उदाहरण पेश करते हुए कहा कि दुमका विधानसभा आरक्षित है, इसीलिए यहां आदिवासी चुनाव लड़ सकते हैं. आरक्षित नहीं होती तो, यहां के बिहार के एमएलए एवं एमपी होते. राज्य के अन्य लोकसभा क्षेत्र गोड्डा में निशिकांत दुबे, हजारीबाग के यशवंत सिन्हा सहित चतरा के सांसद को बिहारी बताया. सभी बिहार के रहने वाले हैं.
उन्होंने सीएम रघुवर दास पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि रघुवर दास को झारखंड की जनता से मुख्यमंत्री बना है और वह पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ में राजनीति चमका रहे हैं. वहीं परितोष सोरेन ने 25 नवंबर को आगजनी की घटना का दोषी जिला प्रशासन को बताया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बंदी के पूर्व संघ्या ही 144 लागू होने की घोषणा एवं चाक-चौबंद व्यवस्था की दावा की थी. लेकिन जिला प्रशासन की मुस्तैदी में इतनी बड़ी घटना जिला प्रशासन की विफलता है. जिसे छात्रों के सिर पर मढ़ा गया है. मौके पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद सिंह बिट्टु आदि उपस्थित थे.
