विश्व मृदा दिवस. किसानों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
बहुफसली खेती व दलहनी खेती को बढ़ावा देने पर बल
किसानों को मिट्टी जांच एवं कार्ड के बताये गये फायदे
दुमका : विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र दुमका में जिला कृषि विभाग द्वारा आयोजित किया गया. जिसका उद्घाटन उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने किया. उन्होंने कहा कि करोड़ो वर्षों में बनी मिट्टी को मानव ने पिछले कुछ सालों में दूषित कर दिया है. गैर वैज्ञानिक तरीके से खेती करके पोषक तत्वों का ह्रास कर दिया गया. जाने-अनजाने रसायनिक उर्वरकों के धड़ल्ले से उपयोग ने भी फसलों की उत्पादकता कम हुई है. श्री सिन्हा ने बहुफसलीखेती व दलहनी खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया. जिला परिषद् उपाध्यक्ष असीम मंडल ने कहा कि धरती हमारी मां है. लेकिन हम खुद ही उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं.
अपने शरीर की तरह ही धरती के मृदा रूपी आवरण के स्वास्थ्य पर भी ध्यान रखना हमारी जवाबदेही है. संयुक्त कृषि निदेशक रामनारायण प्रसाद ने दुमका जिले में मिट्टी जांच एवं कार्ड वितरण की स्थिति पर प्रकाश डाला उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वो अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करवा लें. जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने जिले में मिट्टी स्वास्थ्य योजना के लिए सभी बीटीएम एवं बीएओ को लक्ष्य आवंटित किया गया है.उन्होंने बताया कि रबी में इसे हर हाल में पूरा करने का निर्देश है. समारोह को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ श्रीकांत सिंह, आत्मा के परियोजना निदेशक डॉ दिवेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ बीके भगत, नाबार्ड के डीडीएम नवीन चंद्र झा, गमेलियल हांसदा, डॉ जयंत कुमार लाल, डॉ सुनील कुमार, आत्मा के उप परियोजना निदेशक संजय मंडल, प्रखंडों से बीटीएम, एसएमएस, कृषक मित्र एवं कई कृषक मौजूद थे.
अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी को दूषित होने से बचाना जरूरी: डीसी
कार्यशाला में उपस्थित डीसी व कृषि विभाग के पदाधिकारी.
