एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन तथा घोषित स्थानीयता नीति का कार्यकर्ता जतायेंगे विरोध
समाहरणालय पहुंचकर रैली हो जायेगी सभा में तब्दील
दुमका : एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन तथा घोषित स्थानीयता नीति के विरोध में उपराजधानी दुमका में आदिवासी अधिकार मंच की राज्य कमेटी द्वारा एक दिसंबर को पुराने समाहरणालय के समक्ष रैली सह आमसभा आयोजित की जायेगी, जिसे माकपा की पोलित ब्यूरो सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात मुख्य वक्त को रूप में संबोधित करेंगी. मंच के प्रमंडलीय संयोजक सुभाष हेंब्रम ने बताया कि इस रैली को वृंदा करात के अलावा पूर्व सांसद सह आदिवासी अधिकार मंच के राष्ट्रीय नेता पुलिन बिहारी बास्की, राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मुंडा, संयोजक प्रफुल्ल लिंडा आदि भी संबोधित करेंगे. रैली गांधी मैदान से निकलेगी, जो पूरे नगर का भ्रमण कर समाहरणालय पहुंचेगी और सभा में तब्दील हो जायेगी. इस कार्यक्रम के जरिये प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय को ज्ञापन भी सौंपा जायेगा.
काॅरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना चाह रही सरकार : सुभाष हेंब्रम
प्रमंडलीय संयोजक सुभाष हेंब्रम ने कहा कि रघुवर सरकार की मंशा काॅरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की है, उसे यहां के आदिवासियों-मूलवासियों की कोई फिक्र नहीं है. वास्तव में एसपीटी और सीएनटी जैसे कानून आदिवासी और गैर आदिवासी आम रैयतों के लिए सुरक्षा कवच है. सरकार की सांठ-गांठ से आज माफिया पहाड़ ढहा रहे हैं और जंगल काट रहे हैं. पर्यावरण को जहां नुकसान पहुंच रहा है, वहीं इसकी सुरक्षा करने वाले और पहाड़ों पर बसने वाले आदवासियों को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. श्री हेंब्रम ने कहा कि रैली व आमसभा के जरिये आम अवाम को बताने की कोशिश की जायेगी कि जबरन लाया जा रहा. यह विधेयक आदिवासी व आम रैयतों के हित में नहीं है.
