रोष. गैर आदिवासी रैयतों में भी एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन पर नाराजगी
रैयतों ने कहा सीएनटी व एसपीटी एक्ट विकास में बाधक नहीं
उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार कर रही कानून में बदलाव
दुमका : रघुवर सरकार द्वारा घोषित स्थानीयता नीति तथा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में एसपी कॉलेज के समीप गैर आदिवासी रैयतों ने सीएम रघुवर दास, पूर्व सीएम हेमंत सोरेन, कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी, विधायक शिवशंकर उरांव, लक्ष्मण टुडू, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, पूर्व सांसद हेमलाल मुर्मू, रतन तिर्की, चंद्रप्रकाश चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, विकास कुमार मुंडा, रामकुमार पाहन आदि का पुतला दहन किया. रैयतों ने कहा कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट किसी भी सूरत में विकास में बाधक नहीं है. अगर यह बाधक होता, तो झारखंड में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, डैम,
सड़क, कैनाल, माइंस, रेलमार्ग, स्कूल, अस्पताल कुछ भी नहीं होते. इन कानूनों में बदलाव सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के लिए कर रही है. इन कानूनों में बदलाव का समर्थन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का वे काम करेंगे. रैयतों ने अस्मिता की लड़ाई में विपक्ष के शांत रहने पर भी ऐतराज जताया ओर और विपक्षी दलों का भी पुरजोर विरोध जारी रखने की बात कही है. पुतला दहन में सनातन चालक, दुलाल चालक, कुंदन राय, सपन चालक, माणिक चालक, प्राण चालक, संतोष चालक, धिरेन चालक, राजू चालक,अनूप चालक, बाटुल चालक, चंडी गण, दीपक, उदय, विक्रम आदि मौजूद थे.
