परेशानी. आजादी के छह दशक बाद भी नहीं बदली ग्रामीणों की तसवीर
मसलिया : प्रखंड के कठलिया पंचायत के लोग आजादी के छह दशक बाद भी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं. कठलिया पंचायत के अधिकांश गांव पहाड़ की तल्लटी व मसानजोड़ डैम किनारे अवस्थित है. गांव की सरकार बनने के बावजूद पंचायत के लोग पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.
राजमहल व चापुड़िया गांव जाने वाली सड़क नहीं बन पायी है. करीब दो दशक पहले कठलिया से राजमहल गांव तक दो किमी सड़क सुनिश्चित रोजगार योजना मद से बोल्डर-मोरम का कार्य कराया गया था. आज तक इस पगडंडी सड़क पर किसी भी स्तर से कार्य नहीं कराया गया है. वहीं दूसरी ओर चापुड़िया गांव जाने वाली सड़क की स्थिति अति दयनीय है. इस रास्ते में दो पहिया वाहन तो काफी दूर पैदल चलना भी दूभर है.
इधर पंचायत के सिन्दुरपुर व चैलीटांड़ गांव में पहाड़ के उपर रहने वाले लोग पेयजल की समस्या से परेशान है. विशेष कर गरमी के समय यहां के लोगों को पीने का पानी के लिए तीन किमी दूर मसानजोड़ डैम जाना पड़ता है. स्वास्थ्य के नाम पर ग्रामीणों झोलाछाप डाॅक्टर के भरोसे हैं. वही शिक्षा विभाग द्वारा कठलिया मध्य विद्यालय को उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय वर्ष 2014 में बना दिया है. लेकिन हाई स्कूल में एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं किये जाने पर बच्चों को उच्च शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है.
कहते हैं ग्रामीण
कठलिया से राजमहल गांव तक सड़क जर्जर है. कई बार पंचायत समिति की बैठक में इस सड़क को नये सिरे से बनाने की मांग अधिकारी से किया गया है.
– जर्नादन मुरमू, पंसस
पंचायती राज होने के बावजूद पंचायत के लोग सड़क, पेयजल व स्वास्थ्य सेवा की लाभ से वंचित हैं. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. मगर ये देखने वाला को
ई नहीं है.
– बाबूजन मुरमू, ग्रामीण
पेयजल व स्वच्छता विभाग की ओर से पानी टंकी बनायी गयी है. पर इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है. जो सरकार व प्रशासन के लिये एक गंभीर विषय है.
– भावीसल हेंब्रम, ग्रामीण
पंचायत में हाई स्कूल तो है. लेकिन हाई स्कूल में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई नहीं होती है. जिससे बच्चों के भविष्य को लेकर लोग परेशान हैं.
– सीमा देवी, ग्रामीण
