निर्जला उपवास रहकर व्रती करेंगी खरना
बासुकिनाथ : आस्था का महापर्व छठ को लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है. छठ पर्व का हिंदु धर्म में अलग महत्व है. सूर्य उपासना का महापर्व खरना शनिवार को है. इसमें छठ व्रती महिलायें निर्जला उपवास रखकर खरना करेंगी. दूध, गुड़ एवं चावल मिलाकर प्रसाद बनाया जायेगा. अरगासन में भगवान सूर्य छठी माता को भोग लगाकर भक्तों के बीच वितरण करने की अदभूत पंरपरा रही है. सूर्य उपासना का महापर्व छठ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है.
यह एक ऐसा महापर्व है. जिसमें ना केवल उदयमान सूर्य की पूजा की जाती है बल्कि अस्ताचलगामी सूर्य की भी पूजा होती है. इस महापर्व में हिंदू धर्मावलंबी भगवान सूर्य देव को जल अर्पित कर आराधना करते हैं. मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन है और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की आराधना की जाती है.
भक्तों की अटल आस्था के अनूठे पर्व छठ में सूर्य की पहली किरण और सायंकाल में अंतिम किरण को अर्ध्य देकर भगवान सूर्य को नमन किया जायेगा. रविवार को विभिन्न छठ घाटों में छठ व्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य दिया जायेगा. छठ व्रत पुत्र-पौत्र, धन संपदा एवं अखंड सुख को देने वाली है.
सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही पर्व का समापन होगा. वहीं लोक आस्था के इस महापर्व में बासुकिनाथ एवं जरमुंडी के विभिन्न छठ घाट भक्ति गीतों से गुंजायमान हो रहा है.
