दुमका : सदान एकता परिषद् ने मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा की मांगों को जायज बताते हुए समर्थन दिया है. केंद्रीय अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा कि भुईयां, घटवाल व खैतोरी जाति को जनजाति का दरजा मिलना चाहिए.
श्री वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने जोर-जबरदस्ती इनके आंदोलन संयुक्त बिहार राज्य के समय ये जातियां अपने अधिकार को लेकर संघर्षरत रहीं है. राज्य अलग के बाद जितने दलों की सरकार बनी सभी ने इन्हें ठगने का काम किया है.
ये जाति यहां के मूलवासी व आदिवासी है. 1952 के पूर्व इन्हें जनजाति का दरजा प्राप्त था. बाद में इन्हें समाप्त कर दिया. श्री वर्मा ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टिकोण से भी यह वर्ग कमजोर है. तेरह वर्षो में झारखंड सरकार इन्हें जनजाति क ी श्रेणी में रखने की पहल करता, तो इस समाज को बार-बार आंदोलन के लिए सड़क पर नहीं उतरना पड़ता.
परिषद् की ओर से मेलर की मांग को जायज बताने वालों में केंद्रीय अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, कमलाकांत सिन्हा, ओंकार नाथ झा, शिव प्रसाद शर्मा, विजय कुमार सोनी, विपिन बिहारी प्रसाद, नंद किशोर अम्बष्ठ, शिवनारायण सिंह, ललन महराज, दिनेश सिंह, संदीप कुमार जय, मनोहर केशरी, पार्थ सोम, किशोर सिंह, रामाकांत साह, राजेंद्र प्रसाद एवं मो रोशन आदि शामिल हैं.
