बासुकिनाथ : ग्राम प्रधान मांझी संगठन की समीक्षात्मक बैठक बुधवार को जरमुंडी प्रखंड परिसर में प्रखंड अध्यक्ष रामजीवन सिंह की अध्यक्षता में हुई. आगामी 22 दिसंबर को दुमका में रैली व जनसभा की सफलता को लेकर प्रधानों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.
श्री सिंह ने कहा कि राज्य गठन के तेरह वर्ष बाद भी स्थानीयता की नीतिगत पहचान नहीं मिलना आदिवासी और मूलवासी के लिए दु:खद स्थिति है. भीम मंडल ने कहा कि 1932 का खतियानी रैयत को ही स्थानीयता माना जाय. रैली एसपी कॉलेज से निकलकर यज्ञ मैदान दुमका में पहुंचेगी तथा वहां सभा में बदल जायेगी. जिसकी सफलता के लिए प्रधान मांझी संगठन के सदस्य लगे हुए हैं.
समारोह में प्रधानों के अलावा शिक्षित बेरोजगार संघ, आदिवासी छात्र मोरचा, संयुक्त छात्र मोरचा, मुखिया संघ, मुलवासी आदिवासी, बुद्धिजीवी मंच के अलावे तेरह संगठनों के साथ यह कार्यक्रम होगा. मौके पर मुधुसूदन झा, सचिव महादेव यादव, अजीत मिश्र आदि उपस्थित थे.
