दुमका : मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के 72 घंटे के बंद को लेकर जिला प्रशासन की तैयारी व मुस्तैदी का असर पहले दिन खूब दिखा. जाम स्थलों पर गाड़ी नहीं फंसी.
जहां-जहां जाम लगा दी, उसके पहले ही प्रशासन ने वाहन को आगे बढ़ने से न सिर्फ रुकवाया और जाम में फंसने से होनेवाली परेशानी से रोका, बल्कि वैकल्पिक मार्गो से निकलवाने की भी अच्छी पहल हुई.
यही वजह थी कि जाम स्थल पर गाड़ियां नहीं दिखीं. जाम कराने में उपयोग लाये जाने वाले वाहन और उसके चालक पर कार्रवाई के ऐलान तथा बंद समर्थकों को सहयोग करने वाले टेंट हाउसवालों को दी गयी चेतावनी का भी खासा असर नजर आया. नगर थाना से डीएसपी अनिल कुमार श्रीवास्तव आसपास के क्षेत्रों की सूचना लेते दिखे.
वहीं एसडीओ श्याम नारायण राम के साथ उन्होंने बाबुपुर व गुहियाजोरी में विधि व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं गुहियाजोरी में जाम में ढलमाली, मकरो, चपड़िया, ढोड़ीया, पकड़िया, पनरिया, ढोड़ी सिमर, छोटा अमजोला, बड़ा अमजोला सहित कई गांवों के ग्रामीण मौजूद थ़े अरविंद राय, बालेश्वर मेलर, श्रीधर मेलर, देवनाथ राय मेलर, जगदीश राय मेलर, पवन राय मेलर, प्रेमचंद सिंह, दिवाकर मेलर, रामेश्वर राय मेलर, पेरू राय, ममता देवी, मकनी देवी, हेमा देवी, कविता देवी, सुनिता कुमारी सहित सैकड़ो मौजूद थ़े.
