झारखंड में पलायन का स्वरूप अलग

दुमका : झारखंड एंटी ट्रैफिकिंग नेटवर्क के तत्वावधान में लाहंति एवं मानवी संस्था द्वारा जोहार सभागार में शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. ‘सुरक्षित पलायन एवं महिलाओं के अधिकार’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ अजय सिन्हा ने कहा कि विश्व में पलायन […]

दुमका : झारखंड एंटी ट्रैफिकिंग नेटवर्क के तत्वावधान में लाहंति एवं मानवी संस्था द्वारा जोहार सभागार में शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया.

‘सुरक्षित पलायन एवं महिलाओं के अधिकार’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ अजय सिन्हा ने कहा कि विश्व में पलायन का इतिहास काफी पुराना है, परंतु झारखंड में पलायन की समस्या का स्वरूप अलग है.

यहां पलायन सृजन या विकास का अवयव न होकर शोषण का अवयव बन गया है. असुरक्षित पलायन की वजह से झारखंड में बिन ब्याही माताओं की संख्या बढ़ रही है. अधिवक्ता किरण तिवारी व छवि सिन्हा ने कहा कि कानून ने महिला अधिकार एवं सुरक्षा के लिए काफी प्रावधान किया है, परंतु सरजमीन पर इसके क्रियान्वयन के लिए नागर समाज की संस्थाओं के अलावा विधिक सेवा प्राधिकार को अहम भूमिका निभानी होगी.

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