??????? 2//????? ?? ????????? ???? ?? ????????

धार्मिक 2//अनूठा है देवोत्थान पर्व का महात्म्य दुमका. एक साल के अंदर होने वाले 26 एकादशियों के अलग-अलग महात्म्य के वर्णन में कार्तिक शुक्ल एकादशी, जिसका नाम प्रबोधिनी एकादशी है के महात्मय का वर्णन अनूठा है. मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु शयन में जाते हैं, उसे हरिशयनी एकादशी […]

धार्मिक 2//अनूठा है देवोत्थान पर्व का महात्म्य दुमका. एक साल के अंदर होने वाले 26 एकादशियों के अलग-अलग महात्म्य के वर्णन में कार्तिक शुक्ल एकादशी, जिसका नाम प्रबोधिनी एकादशी है के महात्मय का वर्णन अनूठा है. मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु शयन में जाते हैं, उसे हरिशयनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी को विष्णुजी को जगाते हैं. प्रबोधिनी का तात्पर्य है आत्मा का बोध होना. इस देवोत्थान एकादशी व्रत को करने के संबंध में यह कहा गया है कि यदि सुर्योदय के बाद भी क्षण एकादशी हो और बाद में द्वादशी, तो भी उसी दिन एकादशी करना चाहिए. कार्तिक मास में तुलसी दस द्वारा जो भगवान की पूजा करता है, उसके दस हजार जन्म के पाप धुल जाते हैं. विधि विधान से दवोत्थान एकादशी पूजनोपरांत निम्न मंत्र का उच्चरण करते हुए तीन बार जगाना चाहिए. मन्त्र है उत्तिष्ठोतिष्ठ गोविंद व्यज निंदा जगत्यते¯व्यज चोत्थीय मानेन उत्थित भुवनत्रयम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >