दुमका: झारखंड पीपुल्स पार्टी केंद्रीय महासचिव प्रेमचंद्र किस्कू एवं आजसू के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष राजीव बास्की ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य की सत्ता की बागडोर पहली बार किसी गैर आदिवासी को सौंपे जाने पर आपत्ति जतायी है और कहा है कि झारखंड के इतिहास में 28 दिसंबर का दिन एक काला अध्याय जुड़ने वाला है. नेताद्वय ने कहा कि यह निर्णय झारखंड की परंपरा के विरुद्ध है.
कहा कि गैर झारखंडी-गैर आदिवासी व्यक्ति के मुख्यमंत्री के पद पर शपथ ग्रहण करने से झारखंड वासियों की भावना आहत होगी. नेताद्वय ने कहा कि अविलंब भाजपा को अपना फैसला बदलना चाहिए. आदिवासी मूलवासी आंदोलन के रास्ते पर चलने पर बाध्य होंगे. इन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोई माई का लाल यहां के आदिवासियों की जमीन नहीं छीन सकता है.
लेकिन यहां तो आदिवासियों के हाथों से पूरा झारखंड छीनने की तैयारी हो चुकी है. इधर झामुमो छात्र मोरचा सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय समिति के अध्यक्ष हरिलाल टुडू, संतोष कुमार मरांडी, राजेंद्र मुर्मू व मोहन दास सोरेन ने भी आंदोलन किये जाने की धमकी दी है.
