दुमका के 2288 विद्यालयों को नहीं मिली विद्यालय विकास अनुदान की राशि, बढ़ी परेशानी

अनुदान नहीं मिलने से विद्यालयों में चॉक, डस्टर, कैशबुक, शिक्षक उपस्थिति पंजी सहित अन्य बुनियादी सामग्रियों की भारी कमी हो गयी है.

दुमका. दुमका जिले के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के लिए वर्ष 2025–26 की विद्यालय विकास अनुदान राशि अब तक स्वीकृत नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) द्वारा विद्यालय विकास अनुदान के बजट को मंजूरी नहीं दिए जाने के कारण जिले के कुल 2288 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों को यह राशि नहीं मिल पायी है. अनुदान नहीं मिलने से विद्यालयों में चॉक, डस्टर, कैशबुक, शिक्षक उपस्थिति पंजी सहित अन्य बुनियादी सामग्रियों की भारी कमी हो गयी है. इससे न केवल विद्यालयों का दैनिक संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी सीधा असर पड़ने की आशंका बढ़ गयी है. एक ओर जहां सरकार स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय विकास मद की राशि नहीं मिलने से प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था चरमरा गयी है. आवश्यक सामग्रियों की खरीद नहीं हो पाने के कारण कई शिक्षक अपनी जेब से खर्च करने को मजबूर हैं. स्थिति यह है कि कई प्रधानाध्यापक पारिवारिक खर्च में कटौती कर विद्यालय की दैनिक जरूरतों जैसे बाल पंजी, कैशबुक, छात्र-शिक्षक उपस्थिति पंजी, मीटिंग बुक और मध्याह्न भोजन से संबंधित दैनिक पंजी स्वयं खरीद रहे हैं. यह है विद्यालय विकास निधि की व्यवस्था : विद्यालय विकास अनुदान के तहत 250 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले विद्यालयों को 75 हजार रुपये, 500 से 1000 छात्र-छात्राओं की संख्या वाले विद्यालयों को एक लाख रुपये तथा 250 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को 50 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है, ताकि आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सामग्रियों की खरीद की जा सके. 31 मार्च को वर्तमान शैक्षणिक सत्र का समापन होने वाला है, लेकिन अब तक विद्यालयों को यह राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है. इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़ती जा रही है, जबकि विभाग इस मामले में अब तक उदासीन नजर आ रहा है. इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेंब्रम ने बताया कि जिले में विद्यालय विकास मद का आवंटन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है. प्रखंडवार विद्यालयों की संख्या दुमका: 236 गोपीकांदर: 132 जामा: 255 जरमुंडी: 296 काठीकुंड: 177 मसलिया: 235 रामगढ़: 264 रानीश्वर: 197 सरैयाहाट: 236 शिकारीपाड़ा: 260

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Published by: Binay kumar

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