प्रतिनिधि, शिकारीपाड़ाप्रखंड के कोलाईबाड़ी गांव में वर्ष 2011-12 में बनी टंकी शोभा की वस्तु बनी हुई है़ जिससे आज भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ़ लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत टंकी का निर्माण, एक डीप बोरिंग तथा गांव के दोनों टोलों में पाइप लाइन बिछाया जाना था़ लेकिन ग्रामीणों के अनुसार संवेदक द्वारा पाइप लाइन बिछाने में भारी अनियमितता बरती गई है़ जिससे किसी भी जगह पानी नहीं निकलता है़ इस गांव की आबादी लगभग 1200 की है़ ————-कई वर्षों से इस टंकी को बने देख रहा हूं़ इससे पानी कभी नहंीं आया़ जल्दी से टंकी चालू हो़- हाडु मरांडी सरकार की लाखों रुपये से बनी टंकी व बिछी पाइप लाइन प्रशासन की अनदेखी के कारण बेकार पड़ी हुई है़ जल्द से जल्द टंकी चालू हो ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिल सके़- प्रदीप दा इस गांव में पेयजल की समस्या है़ चापाकल भी खराब है़ लोग कुआं का पानी पीते हैं़ टंकी जल्दी चालू होने से लोगों को सुविधा होती.- जीवन हेंब्रमटंकी और पाइप लाइन वषार्ें से बेकार पड़ी है़ हमलोग पानी की समस्या झेलते हैं़ जल्द से जल्द टंकी चालू हो और हमलोगों को पानी मिले़- गणेश हांसदा
लाखों की लागत से निर्मित टंकी बनी शोभा की वस्तु
प्रतिनिधि, शिकारीपाड़ाप्रखंड के कोलाईबाड़ी गांव में वर्ष 2011-12 में बनी टंकी शोभा की वस्तु बनी हुई है़ जिससे आज भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ़ लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत टंकी का निर्माण, एक डीप बोरिंग तथा गांव के दोनों टोलों में पाइप लाइन बिछाया जाना था़ लेकिन ग्रामीणों के अनुसार संवेदक द्वारा […]
