प्रतिनिधि, दुमका शिकारीपाड़ा प्रखंड के केनपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान मामले में फैसले के समर्थन में दर्जनों ग्रामीण एसडीओ न्यायालय में उपस्थित हुए. केनपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान का पद को लेकर एक वर्ष से विवाद चल रहा था. जिसमें सोमवार को दर्जनों ग्रामीण मंजुलता हेंब्रम के पक्ष में एसडीओ सुधीर कुमार के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना समर्थन दिया. इस मामले में मंजुलता के रिश्तेदार होपना टुडू द्वारा दावा किया जा रहा था. श्री टुडू ने एसडीओ न्यायालय में वाद दायर किया था. उसका कहना था कि एक वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान सुंदरी किस्कू के निधन के बाद उनके बेटे को सरकारी नौकरी होने के कारण पेश किया था. इस पद के लिए सुंदरी किस्कू की बहू मंजुलता हेंब्रम द्वारा भी अपना दावा किया जा रहा था. एक साल एसडीओ न्यायालय में सुनवाई करने के बाद न्यायालय द्वारा सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया था. जिसमें मंजुलता के समर्थन में दर्जनों ग्रामीण द्वारा आवेदन के साथ सशरीर उपस्थित होकर न्यायालय के समक्ष मंजुलता को ग्राम प्रधान बनाने पर अपनी सहमति दी. यहां बता दे कि सुंदरी किस्कू अपने पति के गुजर जाने के बाद प्रधानी पद संभाली थी. सुंदरी किस्कू का बेटा अरुण टुडू रेलवे में चालक के पद पर मालदा में पदस्थापित हैं. ग्रामीणों में सुरेश मुर्मू, नेमंत सुंदर मुर्मू, प्रधान हांसदा, चतुर सोरेन, दिलीप हेंब्रम, जयमंगल मुर्मू के साथ दर्जनों ग्रामीण ने एसडीओ कार्यालय, दुमका में आकर मंजुलता हेंब्रम के पक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी.———फोटो24 डीएमके ग्रामीण
प्रधानी विवाद में केनपहाड़ी के रैयत पहुंचे दुमका
प्रतिनिधि, दुमका शिकारीपाड़ा प्रखंड के केनपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान मामले में फैसले के समर्थन में दर्जनों ग्रामीण एसडीओ न्यायालय में उपस्थित हुए. केनपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान का पद को लेकर एक वर्ष से विवाद चल रहा था. जिसमें सोमवार को दर्जनों ग्रामीण मंजुलता हेंब्रम के पक्ष में एसडीओ सुधीर कुमार के न्यायालय में […]
