ढलायी से पहले पकड़ा गया मामला कनीय अभियंता की लापरवाही भी आयी सामनेसंवाददाता, दुमकानगर परिषद् अध्यक्ष अमिता रक्षित ने वार्ड संख्या 21 में चल रहे दो नाली निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, जिसमें प्रधान न्यायाधीश के आवास से लाल पोखरा तक 13.69 लाख रुपये की लागत से बन रही नाली में लगायी गयी छड़ की जाली देख कर बरती जा रही अनियमितता साफ देखी गयी. मामले में कनीय अभियंता को कड़ी फटकार लगायी गयी. छड़ की दूरी जहां 6-6 इंच पर होनी चाहिए जो कि 14-14 इंच पर देखी गयी, जिससे नाली के ध्वस्त होने की आशंका उन्होंने जताई. साथ ही नाली के नीचे सोलिंग नहीं किये जाने पर भी घोर आपत्ति जतायी.साथ ही सिविल सर्जन आवासीय परिसर से मुख्य नाला तक नाली निर्माण जिसकी लागत 5.57 लाख रुपये है, उक्त नाली पर पुराने स्लेब को लगाया जा रहा था. प्राक्कलन के अनुरूप नाली को नये स्लेब से कवर करना है. अविलंब उक्त दोनों कायार्ें के लिए कनीय एवं सहायक अभियंता को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि कायार्ें को इस्टीमेट के अनुसार कराते हुए अविलंब नाली निर्माण कार्य को सुधार जाय, ताकि नाली निर्माण की गुणवत्ता बनी रहें एवं सरकार की राशि का दुरुपयोग ना होने पाये. अवसर पर अमिता रक्षित के साथ सहायक अभियंता रहमान, कनीय अभियंता रविंदर मालवीय व संजय कुमार दास उपस्थित थे.——————-फोटोजांच 1/2———————
लीड// नाली निर्माण में दिखी भारी अनियमितता
ढलायी से पहले पकड़ा गया मामला कनीय अभियंता की लापरवाही भी आयी सामनेसंवाददाता, दुमकानगर परिषद् अध्यक्ष अमिता रक्षित ने वार्ड संख्या 21 में चल रहे दो नाली निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, जिसमें प्रधान न्यायाधीश के आवास से लाल पोखरा तक 13.69 लाख रुपये की लागत से बन रही नाली में लगायी गयी छड़ की […]
