लावारिस शव की हुई पहचान

फॉलोअपप्रतिनिधि, काठीकुंडमंगलवार को कैरासोल के जंगल से मिले लावारिस शव की पहचान प्रखंड के धनकुट्टा निवासी दीनू देहरी के रूप में की गयी. धनकुट्टा गांव के ग्राम प्रधान विशु सोरेन व मृतक के मामा गुरुचरण देहरी ने शव की पहचान की. मृतक के मामा ने बताया उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी और उसे मिरगी […]

फॉलोअपप्रतिनिधि, काठीकुंडमंगलवार को कैरासोल के जंगल से मिले लावारिस शव की पहचान प्रखंड के धनकुट्टा निवासी दीनू देहरी के रूप में की गयी. धनकुट्टा गांव के ग्राम प्रधान विशु सोरेन व मृतक के मामा गुरुचरण देहरी ने शव की पहचान की. मृतक के मामा ने बताया उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी और उसे मिरगी की बीमारी भी थी. शुक्रवार को बगल के गांव में लगे काली मेला देखने गया था. देर शाम तक वापस नहीं आने के बाद परिजनों द्वारा मेला व सगे संबंधियों के पास खोजबीन की पर पता नहीं चल पाया. कहा कि उसके भांजे की किसी से कोई दुश्मनी या किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था. ग्राम प्रधान व ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन सौंप कर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करते हुए शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की अनुमति मांगी. थाना प्रभारी एनएस दादेल ने बताया कि परिजन व ग्राम प्रधान के साथ-साथ पूरे ग्रामीणों ने किसी प्रकार की किसी दुश्मनी से इंकार किया है. परिजनों व ग्रामीणों के आग्रह पर शव को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उन्हें सौंप दिया गया.

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