नक्सली प्रवीर दा को छुड़ाने के लिए संवेदक से लेवी मांगने का आरोप
दुमका कोर्ट : पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या के मामले में गिरफ्तार होकर लंबे समय तक जेल की सलाखों में रहने तथा दुमका के जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मो तौफिकुल हसन के न्यायालय से बरी होनेवाले वकील हेंब्रम को फिर सेंट्रल जेल जाना पड़ा है. इस बार उसके खिलाफ एक संवेदक ने पैसे की मांग करने का आरोप लगाया है. मिली जानकारी के मुताबिक गोपीकांदर थाना में दुमका के मनोज कुमार यादव ने वकील हेंब्रम पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बताया है कि वे गोपीकांदर में सड़क का निर्माण कार्य करवा रहे थे.
इस दौरान वकील हेंब्रम ने फोन से रंगदारी की मांग की. कह रहा था कि पैसा जल्द से जल्द दो क्योंकि उच्च न्यायालय से प्रवीर दा की जमानत करानी है. हालांकि गोपीकांदर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वकील हेंब्रम को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही उस मोबाइल को भी जब्त कर लिया, जिससे रंगदारी की मांग की जा रही थी.
गोपीकांदर पुलिस ने भादवि की धारा 385, 386 एवं 17 सीएलए के तहत मामला दर्ज कर अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार दूबे के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 6 सितंबर को ही पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में चतुर्थ अपर जिला जज मो तौफीकूल हसन ने संदेह का लाभ देते हुए वकील हेंब्रम को रिहा कर दिया था.
