80 फीसदी शिक्षकों के पद रिक्त

आनंद जायसवाल दुमका : दुमका जिले में माध्यमिक शिक्षा का बेहद ही बुरा हाल है. इसी जिले से मुख्यमंत्री विधायक हैं और प्रतिनिधित्व भी करते हैं. जिले में 117 सरकारी उच्च विद्यालय हैं, जबकि तीन विद्यालय सरकारी अनुदान के तहत संचालित होते हैं. 120 में से छह में ही स्थायी तौर पर प्राचार्य पदस्थापित हैं. […]

आनंद जायसवाल

दुमका : दुमका जिले में माध्यमिक शिक्षा का बेहद ही बुरा हाल है. इसी जिले से मुख्यमंत्री विधायक हैं और प्रतिनिधित्व भी करते हैं. जिले में 117 सरकारी उच्च विद्यालय हैं, जबकि तीन विद्यालय सरकारी अनुदान के तहत संचालित होते हैं. 120 में से छह में ही स्थायी तौर पर प्राचार्य पदस्थापित हैं.

शेष विद्यालयों में प्राचार्य का पद रिक्त पड़ा हुआ है, जिससे इन विद्यालयों में प्रबंधन व्यवस्था चरमराती जा रही है. विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण का दिनों दिन ह्रास होता जा रहा है. एक के बाद एक शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन रिक्त पदों के विरुद्ध नियुक्ति यां नहीं हो रही है. मिली जानकारी के मुताबिक जिले के 117 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 110 में प्राचार्य के पद खाली हैं.

हालांकि सात में से तीन ही पद पर हैं. वहीं माध्यमिक शिक्षकों के 830 में से 665 पद खाली पड़े हुए हैं. पूरे जिले में महज 165 माध्यमिक शिक्षक स्वीकृत पदों के विरुद्ध पदस्थापित हैं. सदर प्रखंड में माध्यमिक शिक्षकों के सर्वाधिक 127 पद रिक्त हैं, जबकि सरैयाहाट में 75, जरमुंडी में 72, गोपीकांदर व मसलिया में 65-65, रामगढ़ में 63, शिकारीपाड़ा में 55, जामा में 50, रानीश्वर में 48 व काठीकुंड में 45 माध्यमिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं.

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