शिकारीपाड़ा : प्रखंड की मलूटी पंचायत के फूलपहाड़ी गांव में दूसरे धर्म की आलोचना कर अपने धर्म के प्रति लोगों को रिझाने की बात पर ग्रामीणों ने एक कथित पादरी समेत 25 लोगों की टीम को रात भर बंधक बनाये रखा.
सुबह लोगों को पुलिस के पहुंचने पर उन्हें सुपुर्द कर दिया गया. गांव के ग्राम प्रधान रमेश मुर्मू ने जाहेरथान व मांझीथान की अवमानना करने व प्रलोभन देकर ईसाई धर्म का प्रचार करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए शिकारीपाड़ा थाना में आवेदन दिया है.
ग्राम प्रधान ने बताया कि गुरुवार शाम को एक मिनी बस में सवार 11 पुरुष और 14 महिलाएं पश्चिम बंगाल की सीमा पर अवस्थित फुलपहाड़ी गांव पहुंचे थे. माइक से अपने धर्म का प्रचार करने लगे. श्री मुर्मू ने धर्म प्रचार बंद करने तथा गांव से बाहर चले जाने कहा.
इस दौरान उन लोगों ने माइक से उनके पूज्य स्थल को लेकर आपत्तिजनक बातें भी कही. अपना धर्म छोड़ उनके धर्म में शामिल होने को लेकर लालच भी दिया. ग्रामीणों ने उन लोगों को पकड़ लिया. शुक्रवार सुबह उन्हें थाना में सुपुर्द किया गया है. इस बारे में धर्म के प्रचार के लिए गयी टीम के एक सदस्य ने बताया कि वे लोग धर्म अपनाने के लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं.
