शिकारीपाड़ा : मलुटी पंचायत स्थित 1200 एकड़ जमीन में फैले पुराने हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए 21 मई को सिंगारसी के वायु सेना के अधिकारियों ने निरीक्षण किया. उनके साथ अंचलाधिकारी सुखेन सोरेन भी थे. उन्होंने बताया कि हवाई पट्टी का उपयोग 1913-14 के प्रथम विश्वयुद्ध, 1939-40 के द्वितीय विश्वयुद्ध, 1962 में भारत चीन युद्ध व 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में वायुसेना के लड़ाकु जहाजों का संचालन किया गया था.
वर्तमान में उक्त जमीन पर सिजुआ, फुलपहाड़ी, बेलबुनी उपर, बेलबुनी नीचे, घटकपुर, चांदपुर, डुमरिया, पतरंगा तथा बेचिरागी गांव लक्खीजोल अवस्थित है. अंचलाधिकारी ने बताया कि पंचायत के मुखिया एवं अन्य ग्रामीणों के साथ बैठकर नक्शा व प्रतिवेदन तैयार किया जायेगा. जिसमें भौतिक स्थिति दर्शायी जायेगी. हवाई पट्टी विकसित करने के लिए नक्शा सहित प्रतिवेदन सरकार को उचित माघ्यम से भेजा जायेगा.
