भाकपा माले की सुदामडीह शाखा ने शनिवार को प्रतिवाद दिवस मनाकर केंद्र सरकार के खनिज और खनन संशोधन (विकास एवं विनियमन) विधेयक का विरोध किया. केंद्रीय कमेटी सदस्य निताई महतो ने कहा कि मोदी सरकार ने लोकसभा में पारित यह विधेयक झारखंड पर घातक आर्थिक हमला है.
यह विधेयक झारखंड को संघीय अधिकारों से वंचित करने का हथकंडा है. इसमें पिछड़े राज्यों के प्रति मोदी सरकार का सरासर विद्वेष दिखाई पड़ता है. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार इस विधेयक को तुरंत वापस ले, अन्यथा झारखंड की जनता राज्य से खनिज ढुलाई ठप्प कर देगी.
भाकपा माले ने झारखंड की सभी लोकतांत्रिक शक्तियों से बिना समय गंवाए संयुक्त आंदोलन शुरू करने की अपील की. निताई महतो ने कहा कि यह विधेयक झारखंड को उसके प्रमुख राजस्व स्रोत से वंचित कर देगा. इससे सामाजिक-आर्थिक जनकल्याण कार्यक्रम, मइयां सम्मान योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर बुरा असर पड़ेगा। आदिवासी, दलित और पिछड़े तबकों पर इसका सबसे घातक प्रभाव होगा.
मौके पर रामबालक सिंह, संतोष रवानी, वीरेंद्र प्रसाद रवानी, रामविनय सिंह, रमेश महतो, बलराम महतो, महादेव महतो, प्रदीप हरिजन, संदीप महतो, संजय मंडल, संजय सुपकार, अजय पासवान, रघुनंदन नोनिया, विजय पासवान, आलोक भट्टाचार्य, हराधन सुपकार, दिलू महतो, तुलसी राय, पून बाउरी, गीता टुडू, सरस्वती किस्कू, बिकला कालिंदी, नेहाली बाउरी, बालिका देवी, सोनका मांझी, गोरवी मुर्मू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
