स्कूलों में बजेगा वाटर बेल, हर बच्चे को पिलाया जायेगा पानी

प्रचंड गर्मी को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने दिये निर्देश

संवाददाता, धनबाद.

गर्मी को देखते हुए स्कूलों में वाटर बेल बजेगा. इस दौरान बच्चों को पानी पिलाना है. इसके लिए सभी स्कूलों में स्वच्छ पानी की व्यवस्था करना है. यह निर्देश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रभारी सचिव उमा शंकर सिंह ने डीइओ को दिया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बच्चे विद्यालय अवधि के दौरान कम से कम दो ग्लास पानी जरूर पीयें.

डिहाइड्रेशन से बच्चों को बचाना है :

आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने वाली है. ऐसे में बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है. इसे ध्यान में रख स्कूलों के पठन-पाठन के समय में परिवर्तन किया गया है. सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को तेज धूप एवं लू के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने का उपाय करना है.

स्कूल अवधि में दो बार बजाया जायेगा वाटर बेल:

निर्देश के अनुसार सभी स्कूलों में दो बार सुबह 08:30 बजे एवं 10:30 बजे घंटी बजाकर बच्चों को स्वच्छ पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाना है. घंटी बजने के साथ ही विद्यालय के सभी बच्चे कतार में लगकर स्वच्छ पानी पीयेंगे. इसके लिए सभी क्लास रूम के पास स्वच्छ पानी का घड़ा, स्वच्छ पानी, टीसनी, पानी का ग्लास आदि की व्यवस्था विद्यालय प्रबंधन द्वारा की जायेगी. निर्देश दिया गया है कि सभी बच्चे आवश्यक रूप से विद्यालय अवधि में कम से कम एक-एक ग्लास स्वच्छ पानी दो बार अवश्य पीयें.

कक्षा में लगे पंखे चालू हो:

सभी स्कूलों जहां बिजली की सुविधा है, वहां हर वर्ग कक्ष में उपलब्ध पंखों को चालू करना है. जहां कनेक्शन नहीं है वहां बिजली का कनेक्शन करा लेना है. सभी स्कूलों में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हो.

मध्याह्न भोजन में शामिल हो तरल पदार्थ:

विभाग ने निर्देश दिया गया है कि बच्चों को गर्म हवा के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए नींबू-पानी, नमक-चीनी का घोल, चना-गुड़, कच्चे आम, सत्तू का शर्बत आदि का सेवन करने के लिए प्रेरित करें. मध्याह्न भोजन में भी इसकी व्यवस्था हो. स्कूलों में ओआरएस के घोल की व्यवस्था हो. ओआरएस का पैकेट निकटतम सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य उप केंद्र, एएनएम और सहिया के पास निःशुल्क उपलब्ध है. बच्चों को गर्मी के मौसम में मसालेदार, तैलीय एवं उच्च नमक वाले पदार्थों के सेवन नहीं करने के लिए जागरूक करें. उन्हें खाली पैर नहीं रहने को कहें. तेज धूप में किसी खेल या कार्यक्रम का आयोजन नहीं करें.

स्कूलों को देना है खैरियत प्रतिवेदन : राज्य स्तर पर सभी जिलों के लिए एक गूगल शीट उपलब्ध कराया जाएगा. जिला से प्रतिदिन खैरियत प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को शाम छह बजे तक उपलब्ध कराना है.

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