Dhanbad News : टुंडी में क्रिकेट खेल रहे दो बच्चे तालाब में डूबे, मौत

Dhanbad News : टुंडी में क्रिकेट खेल रहे दो बच्चे तालाब में डूबे, मौत

Dhanbad News : टुंडी मुख्यालय में त्योहार की खुशी उस समय मातम में बदल गयी, जब दो छोटे-छोटे बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गयी. दोनों बच्चे अपने चचेरे भाई थे. घटना टुंडी राजागढ़ के पास एक तालाब में मंगलवार तीन बजे के आसपास घटी. बताया जाता है कि राजवीर भारती (तीन वर्ष) पिता शंभु चरण भारती और सिद्धार्थ भारती (उम्र दो वर्ष) पिता रामचरण भारती अपने घर के बगल स्थित नवाहरा के पास क्रिकेट खेल रहे थे. संभवतः गेंद के तालाब में चले जाने के कारण दोनों उसे खोजने के लिए तालाब में उतर गये और डूब गये. व्यस्त सड़क के किनारे रहने के बावजूद किसी की नजर नहीं गयी. जब घर के लोगों ने बच्चों को नहीं देखा, तो खोजबीन शुरू हुई. इसी बीच एक बच्चे का शव पानी का ऊपर आ चुका था. यह देख कर लोगों को समझ में आया कि बच्चे पानी में डूब गये हैं. उसके बाद खोजबीन की गयी, तो दूसरे बच्चे को पानी के नीचे से निकाला गया. आनन-फानन में दोनों बच्चों को टुंडी सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. सूचना पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो टुंडी सीओ सुरेश वर्णवाल के साथ घटनास्थल पहुंचे और मृत बच्चों के परिजनों से मिलकर गहरा दुख प्रकट किया. सूचना पर टुंडी पुलिस भी पहुंची और दोनों बच्चों के शव को कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया.

एक ही घर के दो बच्चों की मौत से रो पड़ी टुंडी, हर शख्स की आंख थी भीगी-भीगी

टुंडी राजगढ़ तालाब में जिन दो बच्चों की डूब कर मौत हुई है. दोनों ही निजी चेचेरे भाई थे. दोनों स्व मुखलाल सिंह पोते थे. मुखलाल के पुत्र विक्की सिंह उर्फ रामचरण भारती का पुत्र था सिद्धार्थ भारती. पिता विक्की टुंडी में ही यामहा शोरूम में काम करते हैं. उन्हें सिद्धार्थ के अलावा एक बेटी है, जो मृतक से बड़ी है. विक्की का पूरा परिवार निरसा में ससुराल में रहता है. कालीपूजा को लेकर टुंडी आया था. छठ के बाद फिर पूरा परिवार निरसा चला जाता, लेकिन बच्चे के बिना ही अब विक्की के परिवार को निरसा जाना पड़ेगा. वहीं मृत राजवीर भारती के पिता शंभु चरण उर्फ छोटू प्राइवेट काम करता है. राजवीर को एक छोटा भाई है, जो मात्र 8 महीने का है. सूचना पर दोनों ही बच्चों के ननिहाल से लोग पहुंचे हैं. पूरा टुंडी बाजार करुण क्रंदन से गमगीन हो गया है. हर शख्स की आंखें यहां भीगी हुई थी, वहीं परिजन अपने भाग्य को कोस रहे थे.

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By NARAYAN CHANDRA MANDAL

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